मंत्रि-परिषद बैठक में किसानों के लिए बड़े फैसले


सोलर पंप पर 90 प्रतिशत अनुदान, क्षमता बढ़ाने का विकल्प भी मंजूर

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधन के तहत अब किसानों को स्वीकृत क्षमता से एक स्तर अधिक क्षमता वाला सोलर पंप चुनने का अवसर मिलेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 एचपी अस्थायी बिजली कनेक्शन वाले कृषक अब 5 एचपी का सोलर पंप ले सकेंगे, जबकि 5 एचपी कनेक्शनधारियों को 7.5 एचपी सोलर पंप का विकल्प उपलब्ध होगा। योजना के प्रथम चरण में अस्थायी विद्युत कनेक्शन वाले तथा अविद्युतीकृत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 7.5 एचपी तक के सोलर पंप पर किसानों को केवल 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा, जबकि राज्य शासन 90 प्रतिशत सब्सिडी वहन करेगा।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की कुसुम-बी योजना को प्रदेश में “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के रूप में 24 जनवरी 2025 से लागू किया गया है। योजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के माध्यम से किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि सोलर पंपों की व्यापक स्थापना से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति पर राज्य सरकार का बोझ कम होगा। इसके अतिरिक्त विद्युत वितरण कंपनियों की वितरण हानियों में कमी आने की भी उम्मीद है।

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