प्रसूता को अस्पताल में न मिलने से रास्ते में ही प्रसव, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

नटेरन/शमशाबाद। ग्राम गेंदाबर्री की रहने वाली श्रीमती ममता बंजारा पति छगन बंजारा को 30 अगस्त की रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा जागीर लेकर पहुँचे। परंतु स्वास्थ्य केंद्र के ताले बंद पाए गए। अस्पताल बंद रहने से परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी और अंततः प्रसूता का प्रसव रास्ते में ही हो गया।

इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नटेरन ने कड़ा कदम उठाया है। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान ताला बंद पाए जाने पर प्रभारी चिकित्सक डॉ. विजय सिंह ठाकुर, फार्मासिस्ट मुकेश आर्य, नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बुनकर, एएनएम प्रेमा बिष्ट और वार्ड बाय आरती चौकसे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गये।

वेतन कटौती की कार्यवाही

घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने पर एएनएम प्रेमा बिष्ट और आशा कार्यकर्ता प्रियंका चौकसे का आठ-आठ दिन का वेतन काटने के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए गए हैं। बीएमओ ने कहा कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तहसीलदार का आकस्मिक निरीक्षण

घटना के बाद रविवार को शमशाबाद तहसीलदार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा जागीर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि केंद्र में पाँच कर्मचारी पदस्थ हैं, परंतु मौके पर प्रभारी चिकित्सक मौजूद नहीं थे। केवल एएनएम प्रेमा बिष्ट उपस्थित मिलीं, जिन्होंने अवकाश का हवाला दिया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामरहित कुमार ने बताया कि ममता बंजारा को बरखेड़ा जागीर केंद्र से शमशाबाद उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही नगर शमशाबाद के पास प्रसव हो गया। इसके बाद उन्हें शासकीय अस्पताल शमशाबाद में भर्ती किया गया।

आगे की सख्ती

सीएमएचओ ने निर्देश दिए हैं कि अवकाश दिवसों पर भी अस्पतालों में ड्यूटी रोस्टर अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए ताकि किसी भी मरीज को असुविधा न हो।
गौरतलब है कि इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

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