लटेरी (विदिशा)। नगर में भवन निर्माण सामग्री सप्लाई करने वाले कुछ व्यापारियों द्वारा नर्मदा बालू रेत पर मनमानी दरें वसूली जा रही हैं। खास बात यह है कि ग्राहकों को पक्का बिल नहीं दिया जा रहा, जिससे सरकारी करों की चोरी की आशंका भी जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, लटेरी के कई मटेरियल सप्लायर्स द्वारा बालू रेत का अवैध भंडारण अपने निजी स्टॉक गोदामों में कर लिया गया है। यह भंडारण बिना किसी वैध अनुमति के किया गया है, इनके द्वारा अनुमति से अधिक मात्रा में बालू रेत का भंडारण किया जाता है जिससे न केवल नियमों की अवहेलना हो रही है बल्कि रेत की किल्लत होने पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
रेन सीजन में बढ़े दाम, आम आदमी बेहाल
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, अप्रैल–मई में जो रेत ट्रॉली 4000 से 4500 रुपए में मिल रही थी, वही अब बारिश के मौसम में 6000 से 7000 रुपए प्रति ट्रॉली तक में बेची जा रही है। यानी कीमतों में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस अचानक बढ़ोतरी से निर्माण कार्य रुकने की कगार पर हैं। आम उपभोक्ताओं और छोटे ठेकेदारों को अपनी जेब से अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। ग्राहकों को न तो माल की रसीद दी जा रही है और न ही रेट तय हैं। जिससे कई बार ग्राहकों और सप्लायरों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में दोहरी मार
गांवों में रेत की कमी के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट खर्च भी भारी पड़ रहा है। ट्रैक्टर ट्रॉली के रेट तय न होने के कारण सप्लायर्स मनमाना भाड़ा वसूल रहे हैं। कई बार रेत से अधिक भाड़ा देना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर असर
इस स्थिति का सीधा असर प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों पर पड़ा है। रेत महंगी होने और समय पर उपलब्ध न होने के कारण कई आवास निर्माण अधूरे पड़े हैं। निर्माण की गति धीमी हो गई है, जिससे लाभार्थियों को समय पर मकान नहीं मिल पा रहा।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह सब खुलेआम कैसे हो रहा है? न तो माइनिंग विभाग कार्रवाई कर रहा है और न ही राजस्व या नगर प्रशासन।
मांग: जांच हो और कार्रवाई की जाए
√ इन सप्लायर्स के गोदामों की जांच की जाए
√ बिना बिल बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए
√ नियमित रेट लिस्ट जारी की जाए और उसका पालन हो
√बारिश के मौसम में दाम पर नियंत्रण लगाया जाए
अगर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो यह संकट और गहराएगा, जिससे निर्माण कार्य रुकेंगे और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
इनका कहना है
हम माइनिंग विभाग को बोलकर कार्रवाई करवाते हैं
विनीत तिवारी एसडीएम लटेरी




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