विदिशा, मध्य प्रदेश | बाल विवाह की एक गंभीर घटना सामने आने पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित परिजनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला जिले के गुलाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम गूलरखेड़ी का है, जहां एक नाबालिग बालिका एवं बालक का विवाह करवाया गया था।
चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर प्राप्त शिकायत के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनिता लोढ़ा एवं सहायक संचालक श्रीमती आकांक्षा मरावी के निर्देशन में श्री मुकेश ताम्रकार को जांच हेतु मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान बालिका की शैक्षणिक दस्तावेजों से उसकी उम्र 16 वर्ष पाई गई, जबकि बालक की उम्र 20 वर्ष दर्ज की गई।
हालांकि, प्रारंभिक पूछताछ में बालिका की मां ने विवाह से इंकार किया, लेकिन पड़ोसियों एवं अन्य ग्रामीणों से पूछताछ करने पर बाल विवाह की पुष्टि हुई। विवाह ग्राम सेमरा, तहसील बैरसिया, जिला भोपाल में संपन्न हुआ था।
इसके बाद टीम ने ग्राम घोसुआ पहुंचकर बालक के दस्तावेजों की भी जांच की और पुष्टि की कि दोनों की उम्र विवाह योग्य सीमा से कम है।
महिला एवं बाल विकास विभाग एवं एक्सेस टू जस्टिस फेस फोर की टीम प्रभारी सुश्री दीपा शर्मा ने गुलाबगंज थाना में बाल विवाह से संबंधित साक्ष्य एवं आयु प्रमाण प्रस्तुत किए। इसके आधार पर सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती अनीता गुप्ता (महिला एवं बाल विकास, ग्यारसपुर) द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 एवं 10 के अंतर्गत परिजनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
यह कार्रवाई महिला एवं बाल विकास विभाग तथा न्याय तक पहुँच कार्यक्रम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जो बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं।




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