शासकीय पट्टे की जमीनों पर कब्जों का होगा सत्यापन, पटवारी करेंगे साल में दो बार निरीक्षण


कलेक्टर संदीप जीआर ने दिए सख्त निर्देश, अनाधिकृत कब्जों पर होगी कार्रवाई

भोपाल। शासन द्वारा दी गई शासकीय पट्टे की जमीनों पर अनधिकृत कब्जों की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संदीप जीआर ने राजस्व अमले को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक पटवारी वर्ष में दो बार शासकीय पट्टेदारों की भूमि का मौके पर निरीक्षण करेगा और अनाधिकृत कब्जा पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनसुनवाई में लगातार सामने आ रही शिकायतों के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि शासकीय भूमि के पट्टे अनुसूचित जाति, जनजाति और भूमिहीन किसानों तथा मजदूरों को जीवन-यापन के लिए आवंटित किए जाते हैं। ऐसे में इन पर वैध पट्टेदारों का कब्जा बनाए रखना राजस्व अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

भौतिक सत्यापन के लिए तय होगी समय-सारणी
नई व्यवस्था के तहत सभी पटवारी वर्ष में दो बार, फसल बोने और फसल काटने के समय, भूमि का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भूमि पर खेती संबंधित कार्य पट्टेदार द्वारा ही किए जा रहे हैं। यदि निरीक्षण के दौरान किसी अन्य व्यक्ति का अवैध कब्जा पाया जाता है, तो पटवारी पंचनामा बनाकर स्थल जांच रिपोर्ट संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे।

कड़ी निगरानी के निर्देश
कलेक्टर संदीप जीआर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदारों और पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे समय-समय पर भूमि की स्थिति की निगरानी करें और किसी भी प्रकार के अनधिकृत कब्जे को बर्दाश्त न करें।

कलेक्टर ने कहा, "शासकीय भूमि गरीबों और जरूरतमंदों को उनके जीवन यापन के लिए दी जाती है, इस पर उनका अधिकार सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

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