शुभम सोनी, लटेरी । कृषि प्रधान क्षेत्र लटेरी में किसानों की मेहनत पर उस समय पानी फिर गया जब मुबारकपुर और ओखलीखेड़ा गांवों में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग लग गई। वैशाख माह में किसान अपनी पकी हुई फसल को बेचकर बाजार में अपनी साख बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है, किंतु जब वही फसल किसी दुर्घटना या अज्ञात कारणवश जलकर राख हो जाए, तो उसका दुख और नुकसान शब्दों से परे होता है।
ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, और साथ ही प्रशासन को भी सूचना दी गई। दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
नायब तहसीलदार हेमंत अग्रवाल ने बताया कि अभी तक आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, लेकिन जांच जारी है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
यह घटना उन किसानों के लिए बड़ा झटका है जो पूरे साल मेहनत कर इसी फसल पर अपनी आजीविका टिकाए रहते हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा हेतु प्रभावी व्यवस्था और जागरूकता की सख्त जरूरत है।
इनका कहना है:
"अज्ञात कारणों के चलते खड़ी फसल में आग लगी है। मुबारकपुर में लगभग 100 बीघा एवं ओखलीखेड़ा में लगभग 60 बीघा की फसल जलकर राख हो गई है।"
— हेमंत अग्रवाल, नायब तहसीलदार




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