गुना में हनुमान जयंती जुलूस पर पथराव से तनाव, पार्षद का बेटा घायल, हिंदू संगठनों का प्रदर्शन




दिनांक: 13 अप्रैल 2025 गुना (म.प्र.) — मध्य प्रदेश के गुना जिले में हनुमान जयंती के अवसर पर निकाली गई शोभा यात्रा उस समय हिंसा की चपेट में आ गई, जब कर्नलगंज क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के पास जुलूस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद के बाद पथराव शुरू हो गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें बीजेपी पार्षद ओमप्रकाश उर्फ गब्बर कुशवाह का 11 वर्षीय बेटा अकुल कुशवाह भी शामिल है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

शोभा यात्रा बीजेपी पार्षद गब्बर कुशवाह और उनके समर्थकों की अगुवाई में निकाली जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब जुलूस मस्जिद के सामने पहुँचा, तब डीजे पर तेज़ आवाज़ में संगीत बजाया जा रहा था। इस पर कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई। विरोध के बीच कहासुनी हुई और बात बढ़ते-बढ़ते पथराव में बदल गई।

दोनो पक्षों के बीच पत्थरबाज़ी

बताया जा रहा है कि पहले मस्जिद की ओर से पथराव शुरू हुआ, जिसके जवाब में जुलूस में शामिल लोगों ने भी जवाबी पत्थरबाज़ी की। कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण और बेकाबू हो गया। घटनास्थल पर भगदड़ मच गई और स्थानीय लोग इधर-उधर भागने लगे।

घायल और प्रशासन की कार्रवाई

इस झड़प में पार्षद का बेटा अकुल समेत कई लोग घायल हो गए जिन्हें तत्काल पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी संजीव कुमार सिन्हा और कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

एसपी सिन्हा ने कहा, "स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। जांच की जा रही है और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।"

चक्काजाम और कोतवाली का घेराव

घटना के बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने कर्नलगंज चौराहे पर चक्काजाम कर दिया और सिटी कोतवाली का घेराव करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पथराव करने वालों की गिरफ्तारी की मांग की।

FIR और जांच

बीजेपी पार्षद गब्बर कुशवाह ने ताजिया कमेटी के अध्यक्ष यूसुफ खान सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। आरोप है कि इन्हीं लोगों ने हिंसा भड़काई और पथराव कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
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निष्कर्ष:
गुना की यह घटना एक बार फिर बताती है कि धार्मिक आयोजनों में संयम और आपसी समझ की कितनी ज़रूरत है। प्रशासन अलर्ट पर है, लेकिन सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम है।

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