मंत्री विधायकों के परफॉर्मेंस पर होगी चर्चा विधानसभा टिकट वितरण को लेकर होगा मंथन

भोपाल, मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं और मध्य प्रदेश के चुनाव की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है अमित शाह मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनावों की रणनीति स्वयं तैयार कर रहे हैं बड़े नेताओं के साथ बंद कमरा बैठकों के बाद अब वह अपनी रणनीति जमीन पर उतारने के लिए दोबारा भोपाल आ रहे हैं । जानकारी के लिए बता दें बीते 3 दिन पहले ही अमित शाह भोपाल पहुंचे थे अब दोबारा रविवार को भोपाल पहुंच रहे हैं केंद्रीय मंत्री अमित शाह भोपाल में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे । इसके बाद इंदौर के पास परशुराम की जन्मस्थली जानापाव जाएंगे । वहां दर्शन करने के बाद इंदौर में कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे । अमित शाह दौरे के दौरान चुनावी रणनीति के साथ पहली बार टिकट को लेकर भी बात करेंगे । टिकट वितरण को लेकर केंद्र और प्रदेश संगठन के बीच विचार मंथन होगा । विधायकों और मंत्रियों के परफॉर्मेंस रिपोर्ट पर शाह चर्चा करेंगे । जमीनी फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट पर भी विचार मंथन होगा । बता दें कि बीती बैठक में हारी सीटों को लेकर विचार मंथन हुआ था । भाजपा के मिशन 2023 को गति देने के लिए अमित शाह ने महीने भर में दो बार भोपाल में बैठकें की हैं । अब बताया जा रहा है कि अमित शाह शनिवार रात को भोपाल आएंगे । भाजपा कोर ग्रुप की बैठक लेंगे । इसमें पिछली दो बैठकों में लिए गए फैसलों पर चर्चा करेंगे । साथ ही आगे के दिशानिर्देश जारी करेंगे । खासकर जिन समितियों का गठन किसी न किसी कारण से अटका है , उन पर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे । रविवार को भोपाल के मिंटो हॉल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे । यह मध्य प्रदेश में दोनों ही प्रमुख पार्टियों के किसी भी राष्ट्रीय स्तर के नेता की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी । इस वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है ।

जानापाव से ब्राह्मणों को साधेंगे अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री 29 जुलाई की शाम को भोपाल आएंगे । रात में ही भाजपा कोर टीम के साथ बैठक करेंगे । सुबह 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे । उसके बाद इंदौर जाएंगे और वहां महू के पास स्थित जानापाव पहाड़ी पर जाएंगे । भगवान परशुराम की जन्मस्थली पर उन्हें नमन करेंगे । इसे ब्राह्मण वोटर्स को साधने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है । इसके बाद इंदौर में संभाग के चुनिंदा 100 नेताओं से मिलेंगे , जिनमें जनप्रतिनिधि , पदाधिकारी शामिल होंगे । इस बैठक में इंदौर संभाग के राजनीतिक हालातों पर चर्चा होगी । फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार होगी ।
  
हर विधानसभा से पांच हजार की भीड़ जुटाने का लक्ष्य 

इंदौर जिले की सभी नौ विधानसभाओं के संचालक और मंडल अध्यक्षों को अपनी विधानसभा से कम से कम पांच हजार कार्यकर्ता लाने का लक्ष्य दिया गया है । सभी विधानसभा के प्रत्येक बूथ से 15 कार्यकर्ताओं को सम्मेलन तक लाया जाएगा । सभी के लिए बसों और खाने पीने की व्यवस्था की जाएगी । नगर भाजपा और ग्रामीण भाजपा के पदाधिकारी भी इसकी तैयारी में जुट चुके हैं । भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में पार्षद , जनपद और जिला पंचायत सदस्य , नगर परिषद सदस्यों के अलावा विधानसभा संचालक और मंडल अध्यक्षों को कार्यकर्ताओं को सम्मेलन तक लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है । इसके लिए कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर कार्यक्रम तक लाने के लिए बैठक का दौर शुरू हो चुका है ।

बूथ कार्यकर्ताओं पर होगा फोकस 

भाजपा भी शाह के दौरे से अपने बूथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेगी , क्योंकि भाजपा में चुनाव जीतने का दारोमदार बूथ कार्यकर्ताओं पर ही होता है । इसलिए इंदौर संभाग के पुराने सक्रिय बूथ कार्यकर्ताओं को फिर से एक्टिव किया जाएगा । इन कार्यकर्ताओं की सूची बनाकर जल्द ही इनके साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता बैठक कर इनकी बात सुनेंगे और इनकी समस्याओं को भी दूर करेंगे ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ