कोर्ट का फैसला : हत्यारों को आजीवन कारावास , जुर्माना भी लगाया


2019 का मामलाः मृतक को हत्यारों से लेने थे साढ़े सात लाख रुपए 
सीहोर । न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह के द्वारा हत्या के मामले में अभियुक्त श्रीकांतत्यागी , फूलसिंह विश्वककर्मा ग्राम घटेला थाना त्योंलदा • जिला विदिशा को धारा 302/34 भादवि में आजीवन कारावास , 10000 रू अर्थदण्ड , धारा 201/34 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000 रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । घटना इस प्रकार है पुलिस थाना मण्डी में 19 मार्च 2021 को सूचनाकर्ता कुमेरसिंह पिता मुन्नालाल निवासी भटोनी ने मोबाईल पर बताया कि , मैं आज सुबह 8 बजे बढ़ वाले खेत में गया था । मैने देखा कि वहीं कुए में पानी में एक पीली प्लास्टिक की पन्नी और जूते तैर रहे थे तथा पानी में नीचे कोई डूबा हुआ सा दिख रहा था तब मैंने गाँव के हजारीलाल , शिवचरण पटेल , आनन्द पटेल व मेरे लड़के सूरज को कुऐ पर बुलाया और दिखाया फिर डायल 100 को सूचना की और पुलिस के आने पर कुँऐ में मोटर डालकर पानी निकाल कर अच्छी तरह देखा तो अज्ञात व्यक्ति उम्र करीब 35 से 40 वर्ष का दाये हाथ में व दांये पैर में घुटने पर धारदार हथियार की गंभीर चोट है व बाये हाथ का पंजा पूरी तरह टूटकर क्षत विक्षत अवस्था में था , गले में रस्सी बंधी थी व पीठ पर घसीटने के निशान थे । शव की पहचान परिजनों द्वारा की गई : उक्त सूचना के आधार पर पुलिस थाना मण्डी ने मर्ग कायम कर विवेचना की । विवेचना में यह पाया गया कि , मृतक के शव की पहचान परिजनों द्वारा की गई और शव किसी मनीष जैन विदिशा निवासी का होना पाया । मृतक मनीष जैन को आरोपी श्रीकांत त्यागी से लगभग 7.5 लाख रूपये लेना थे , जिसकी मृतक मांग कर रहा था , आरोपी श्रीकांत त्यागी को रूपये न देना पड़े , लिए उसके द्वारा आरोपी फूलसिंह के साथ योजना बनाकर विदशा से मनीष जैन की मेजिक गाड़ी से विदिशा गंजबासौदा से निकले थे और रास्ते में रूककर उसकी हत्या कर उसे पन्नी में पैक कर उसके शव को बढ़नगर के कुएं में फेंक दिया था । विवेचना के दौरान फंदा टोल नाके की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपीगण की पहचान मृतक के मित्र के द्वारा की गई थी , -आरोपीगण से पूछताछ करने पर उन्होंने अपराध करना स्वीकार किया , विवेचना पूर्ण कर आरोपीगण के विरूद्ध अभियोग पत्र न्याणयायलय में पेश किया गया । आरोपियो ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार किया आरोपीगण की बात का समर्थन टोल नाके के कर्मचारी द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एवं प्रकरण के विवेचक तत्कालीन निरीक्षक मनोज मिश्रा द्वारा भी किया गया ।

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