रिश्तेदार ने ही किया 6 साल के बच्चे का अपहरण 4 करोड़ की फिरौती नहीं देने पर उतारा मौत के घाट जंगल में मिली लाश


 
रिश्तेदार ने ही किया 6 साल के बच्चे का अपहरण 4 करोड़ की फिरौती नहीं देने पर उतारा मौत के घाट जंगल में मिली लाश

रिश्तेदार ने ही किया 6 साल के बच्चे का अपहरण 4 करोड़ की फिरौती नहीं देने पर उतारा मौत के घाट जंगल में मिली लाश


Bhopal । इंदौर । महू के किशनगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पिगडंबर से रविवार देर शाम कांग्रेस नेता विजेंद्र चौहान के भतीजे हर्ष सिंह चौहान का अपहरण हो गया था , इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 4 करोड़ की फिरौती की मांग की . मांग पूरा नहीं होने पर देर रात आरोपियों ने बच्चे की हत्या कर शव को सिमरोल थाना क्षेत्र के जंगलों में फेंक दिया . फिलहाल पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है , वहीं मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। दोनों आरोपी मृतक बच्चे के रिश्तेदार बताए जाते हैं । एसपी भगत सिंह बिरदे के बताया कि ग्राम पिगडंबर के रहने वाले जितेंद्र सिंह चौहान के छोटे बेटा हरषु शाम को करीब साढ़े 6 बजे घर से बाहर निकला था । इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला । करीब एक - डेढ़ घंटे बाद घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की , लेकिन बच्चे क कुछ पता नहीं चला । रात करीब सवा आठ बजे के आसपास जितेंद्र के पास अपहरण करने वाले का फोन आया जिसमें बच्चे को छोड़ने के बदले में चार करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की । आरोपी के मोबाइल फोन को जितेंद्र ने अपने मोबाइल फोन के स्पीकर ऑन कर सुना , जिससे परिवार के सभी लोगों ने यह बात सुनी
रिश्तेदार के साथ दिखा बच्चा सीसीटीवी कैमरे में पता चला कि हरषु अपने रिश्तेदार रितेश के साथ जा रहा है । इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ कर पूछताछ की । पहले तो परिजन ही उससे पूछताछ करने से मना करने लगे , लेकिन फिर भी पुलिस ने पूछताछ शुरू की । जिसमें उसने बताया कि उसने उसके चचेरे भाई विकास को बच्चे को दिया था । इसके बाद विकास की तलाश पुलिस ने शुरू की , लेकिन विकास का पता नहीं चला । हालांकि पुलिस को यह पता चल गया था कि आरोपी बच्चे को लेकर अल्टो कार से निकला है । डेढ़ घंटे तक नहीं दी पुलिस को सूचना अपहरण की जानकारी लगते ही पूरा परिवार बच्चे की तलाश में तेजी से जुट गया । इसी बीच यहां के थाना प्रभारी को पता चला कि बच्चे का अपहरण हुआ है और आरोपी चार करोड़ रुपए की फिरोती मांग रहे हैं । उन्होंने तत्काल अपनी टीम के साथ सिविल ड्रेस में इस मामले में बच्चे के घर के आसपास पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किये । इसी दौरान एसपी भगत सिंह बिरदे का सूचना दी गई ।


आरोपी ने जिस नंबर से फोन किया वह मालवा का , उज्जैन से जारी हुई सिम एसपी को पता चला कि जिस नंबर से आरोपी ने फोन किया था , वह नंबर आगर मालवा के रहने वाले व्यक्ति का है । लिहाजा पुलिस ने आगर एसपी से बात की । आगर पुलिस दिए गए पते पर पहुंची । जहां पर पता चला कि वह व्यक्ति उस पते पर एक साल से नहीं है । इसके बाद यह पता किया कि सिम कहां से जारी हुई । इसमें पता चला कि सिम उज्जैन से जारी हुई । इसके बाद उज्जैन पुलिस से संपर्क किया गया । उज्जैन पुलिस ने सिम जारी करने वाले को बताया । जिस पर पता चला कि इस सिम की लोकेशन अभी खंडवा रोड पर है । चोरल के पास मिली गाड़ी और आरोपी इसके बाद पुलिस खंडवा रोड पर निकली । जहां पर चोरल के पास स्थिति एक गांव के पास अल्टो कार मिल गई । यहीं पर विकास भी पुलिस को मिल गया । पुलिस ने जब विकास से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह तो बच्चे के मुंह में कपड़ा बांधकर चोरल के पास पुलिया के नीच छोड़कर आया था । इसके बाद पुलिस वहां पहुंची , लेकिन तब तक देर हो चुकी थी । पुलिस ने यहां से बच्चे का शव बरामद किया ।


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