MP 5 डे वीक से कर्मचारियों को साल में 163 दिन काम बाकी दिन मौज

भोपाल । मध्य प्रदेश  शिवराज सिंह सरकार में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले हो रही है कोरोना काल के बाद से ही कर्मचारियों को 5 डे वीक कल्चर शुरू हो गई थी जो कि अभी भी बरकरार है सरकारी कर्मचारियों को अब सिर्फ सोमवार से शुक्रवार को ही काम करना होता है पूरे साल में सिर्फ कर्मचारियों को 163 दिन ही काम करना होगा वही तनख्वाह पूरे साल की मिलेगी 1 साल में 365 दिन होते हैं लेकिन शिवराज सरकार में कर्मचारियों को 163 दिन काम करने पर भी पूरे साल की तनख्वाह मिलेगी वहीं दूसरी तरफ जिन लोगों के सरकारी दफ्तरों में काम है छुट्टी के चलते 3 दिन का इंतजार भी करना पड़ता है जिस किसी को अगस्त शुक्रवार मैं काम नहीं होता तो उससे 3 दिन यानी सोमवार तक अपने काम के लिए परेशान होना पड़ रहा है

सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाली छुट्टियां

मध्यप्रदेश में 5 डे वीक कल्चर शुरू होने से सरकारी कर्मचारियों को साल में 202 दिन की छुट्टी पर रहेंगे 1 साल में सरकारी कर्मचारियों को छुट्टियों के मौजूदा गणित के हिसाब से 53 रविवार , 52 शनिवार , धार्मिक पर्व व त्योहार , जयंती और पुण्यतिथि की 29 छुट्टियां सालाना . इन सभी को मिलाकर 134 दिन की सरकारी छुट्टी पहले से ही थी . इसके अलावा कर्मचारियों की अन्य छुट्टी की पात्रता भी है , जिसमें एक साल में 30 ईएल , 13 सीएल और 20 मेडिकल लीव शामिल हैं . साल में 57 दिन ऐच्छिक अवकाश भी होता है , साथ में 3 स्थानीय अवकाश भी मिलते हैं 

5 डे वीक कल्चर से क्या सरकारी सुविधाएं सुधरेंगी 

अगर सप्ताह में 5 दिन काम करने से क्या सरकारी सुविधाएं और योजनाओं को धरातल पर कार्य ठीक से चल सकेगा इसको लेकर कोई खुश हो या ना हो लेकिन सरकारी कर्मचारी  इस फैसले से काफी खुश दिखाई दे रहे कर्मचारी नेता ओपी कटियार का कहना है कि " सरकार का फैसला स्वागत योग्य है , फाइव - डे वीक कल्चर से वे बेहतर काम कर पाएंगे और तनाव मुक्त रहेंगे . " हालांकि , इनका ये भी कहना है कि अब दफ्तरों का   टाइम आधे घंटे सुबह और आधे घंटे शाम को बढ़ा दिया गया है . 

5 डे वीक कल्चर को लेकर आम जनता और जानकारों के अलग-अलग मत

जहां 5 डे वीक कल्चर को लेकर कर्मचारियों का मानना है कि शासन के कार्य में तनावमुक्त और काम में सहूलियत मिलेगी वहीं आम आदमी का मानना है कि पहले से ही सरकारी व्यवस्था मैं समय पर काम नहीं होते लोगों को भटकना पड़ता है और ऐसे में अब कर्मचारियों को फाइव डे वीक यानी सप्ताह में 5 दिन मिल गए हैं अब उन्हें से कोई काम कराने आता है तो शुक्रवार शनिवार रविवार का बहाना बनाकर 3 दिन के के लिए बात ताल रहे हैं हालांकि पहले भी काम में कर्मचारी टालमटोल करते रहे वहीं जानकारों का मानना है कि जानकारों के मुताबिक कर्मचारियों के काम होने की टाइम लिमिट तय होनी चाहिए . इसके लिए कड़ाई बरतनी होगी , जो की सरकारी 5 डे कल्चर पॉलिसी  में संभव नहीं देखता , जितना काम उतना दाम की पॉलिसी अपनानी चाहिए


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