गाय हमारी माता है हमारे पूर्वजों की संस्कृति है गाय बचेगी तो देश बचेगा डॉ उमेश चंद्र

शुभम सोनी /सिरोंज: सिरोंज श्री कृष्ण गौशाला में गोपाल अष्टमी पर गायों की पूजा और गो भक्तों के द्वारा सम्मेलन का आयोजन किया गया आयोजन में गायों को सजाया गया साथी पूजन आरती करने के बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय पशु चिकित्सा परिषद नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ उमेश चंद्र ने कहा है कि गाय हमारी मां है हमारी संस्कृति है जब गाय बचेगी तभी हमारा देश बचेगा  हजारों सालों की गुलामी के बाद भारत ही ऐसी संस्कृति है जो हमारे पूर्वजों को जिंदा रख सके आज हमें स्वतंत्र होने के बाद भी गौ मता लाचार होकर विचरण कर रही है निरंतर बढ़ती गायों की जनसंख्या और घटते कृषि के रकवे के बीच हमको गोपालन की और पुनः लौटना होगा

कार्यक्रम के मौके पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक आर के मौर्या ने कहा एक ही 8 लाख गोवंश सड़कों पर विचरण कर रही है मध्यप्रदेश में 187 लाख गोवंश है वही इसमें से करीब 8 लाख गोवंश सड़कों पर घूम रही है गौ संवर्धन बोर्ड के माध्यम से गोवंश को सुरक्षित रखने का प्रयास हो रहा है समाज को भी इसमें सहयोग करना और जोड़ने की आवश्यकता है संवर्धन बोर्ड के उपसंचालक प्रवीण शिंदे द्वारा कहा गया है कि सिरोंज की इस गौशाला को आदर्श गौशाला बनाने के साथ ज्यादा से ज्यादा गोपालन के लिए भी यह प्रयास कर रहे हैं कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष राकेश सिंह यादव भी मौजूद थे

    गाय चरणों में भूमि घास विलुप्त होते जा रहे हैं

क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा ने श्री कृष्ण गौशाला 
गोपाल अष्टमी पर गाय की रक्षा के लिए घर-घर गोपालन के लिए उत्साहित किया है विधायक उमाकांत शर्मा ने बताया कि गायों के साथ-साथ गाय के खाने के चारे की प्रजातियां भी विलुप्त होती जा रही है जिसको हमें सुरक्षित करने की आवश्यकता है विधायक द्वारा लोगों को आव्हान किया है कि अपने पूर्वजों की तिथियां और पवित्र त्योहारों पर गौशाला में आकर इन गोवंश की चिंता करें और इनके संरक्षण में सहयोग प्रदान करें कार्यक्रम में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की मनसा अनुरूप गौशाला परिसर में गोलोकधाम की पूर्णता प्रदान करने के लिए सजाया गया वही राधा वल्लभ मंदिर की प्रकृति डिस्प्ले की गई कार्यक्रम के दौरान संत परसोत्तम दास त्यागी नगर संघ संचालक अमरचद अग्रवाल चंद्र मल जैन आदि मौजूद रहे

   विलुप्त होती जा रही घास की प्रदर्शनी लगाई

कार्यक्रम में क्षेत्र से विलुप्त होती जा रही घास के विभिन्न प्रजातियों को उसके स्थानीय नाम के साथ मंच पर प्रदर्शित किया गया और आव्हान किया गया कि लुप्त होती घास को बचाने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास किए जाएं जिससे इन घासों में खरी पुनियां छुरियां केल कांधी नेपियर लम्पी केल मछोरी आधी घास की प्रजातियां गुड लक होने से बचाने के पास करने के संबंध प्रदर्शनी दिखाई गई

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