हरियाली के नाम पर जंगलों में हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर पौधे रौपे जाते हैं लेकिन धरातल पर इतने पौधे नजर नहीं आते ।
वन विभाग व वन विकास निगम की जड़ों में भ्रष्टाचार जमकर पनप रहा है । इसकी बारीकी से की जाए जांच
शुभम सोनी विदिशा: लटेरी , शमशाबाद के वन क्षेत्र में वन विभाग क्या चोरों द्वारा बड़े घोटालों को लेकर एक मामला आया है जिसमें शिकायत की गई है और कहा गया है कि अफसरों ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है । इस तरह के आरोप भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष समिति ने लगाते हुए कलेक्टर से पूरे मामले में जांच की मांग की है । साथ ही कहा कि इसकी पूरी बारीकी से जांच की जाए तो करोड़ों रूपए का घोटाला उजागर होगा और वन विभाग की जमीन पर हुए अतिक्रमण की भी हकीकत सामने आ जाएगी । इस दोनों इलाकों में जहां पर जंगल और पेड़ होना थे वहां पर अब खेत बन चुके हैं और उसमें फसलें लहरा रहीं हैं । समिति के प्रदेश अध्यक्ष रवि प्रकाश साहू और साथियों ने कलेक्टर उमाशंकर भार्गव के नाम डिप्टी कलेक्टर अमृता गर्ग को ज्ञापन दिया ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि लटेरी और शमशाबाद क्षेत्र में वन विकास निगम के अफसरों की मिलीभगत से पौधारोपण में गड़बड़ी की गई है । कई जगह इन अफसरों की अनदेखी और मिलीभगत की वजह से वन माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं । कई जगह पेड़ों की कटाई हो रही है और कई जगह जंगल को साफ करके खेती की जा रही है । यह दोनों क्षेत्र पेड़ों की अवैध कटाई के लिए पहले से ही सुर्खियों में ही रह चुके हैं और आए दिन इन क्षेत्रों में पेड़ों के कटने के मामले सामने आ चुके हैं ।
भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने कलेक्टर से की शिकायत
भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रवि साहू ने कलेक्टर को एक ज्ञापन देते हुए आरोप लगाया कि उक्त कार्य वन विभाग से वन विकास निगम को जो एरिया हस्तांतरण किया गया था । उसमें घने एवं स्वस्थ्य जंगल खड़े हुए थे आज उस क्षेत्र में वन विकास निगम द्वारा सफाई के नाम पर सैकड़ों ट्रक सागौन कटवाकर बैंच दिये गये । वहीं नए जंगल लगाने के नाम पर शासन से प्राप्त करोड़ों रूपये का बंदरबांट कर और खानापूर्ति कर पूरे क्षेत्र को वियांवान कर दिया गया जिन क्षेत्रों में वन विकास
निगम द्वारा कार्य कराने का बताया जाता है वहां किसी प्रकार की कोई भी पारदर्शिता नहीं अपनाई गई । जिन क्षेत्रों में पौधरोपण हुआ है । वहां नोटिस बोर्ड लगाकर यह भी नहीं दर्शाया गया कि किस कक्ष में कितने पौधरोपण किया गया है । ज्ञापन में मांग की गई है कि गंभीरता से न्यायिक एवं निष्पक्ष जाँच कराई जाना आवश्यक हैए वहीं पूर्व में वन विकास निगम के एसडीओ रहे । धर्मेन्द्र भदौरिया सहित रेन्जर संतोष दुबे , आरबी यादव , विनोद तिवारी , वर्तमान में पदस्थ रेन्जर राजेन्द्र सिंह यादव , रेन्जर गोविन्द सिंह एवं समस्त स्टाफ की कार्यप्रणाली की जांच कराई जाकर विदिशा जिले के एकमात्र जंगल को सुरक्षा प्रदान करने हेतु जांच कराने की कृपा करें ज्ञापन देने वालों में भ्रष्टाचार उन्मूलन संघर्ष समिति के लटेरी ब्लॉक के मुस्कुरा पंचायत के सरपंच शिवराज सिंह यादव , हरवेंद्र सिंह चौहान , भानु प्रताप सिंह राजपूत , रिंकू सिंह , सौरभ दुबे , आलोक भार्गव , नीरज साहू , सुशील कुशवाह आदि मौजूद थे ।
कहां पर कितने रौपे पौधे , कुछ पता नहीं ...
निंदाई , गुड़ाई , डीएपी खाद के नाम पर लाखों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है । जो कार्य स्थानीय मजदूरों से कराया जाना था । उस कार्य को बाहर के मजदूरों के नाम पर लाखों रुपये के बिल व्हाउचर बनाकर रुपये निकालकर भ्रष्टाचार किया गया । वन विकास निगम ने हजारों हेक्टेयर भूमि पर रोपण के बाद भी वहां के स्थानीय किसानों से सांठगांठ कर अतिक्रमण करवाया गया है । उस वन भूमि पर जहां पर वन होना थेए वहां आज भी मौके पर फसलें लहलहा रही हैं । शमशाबाद क्षेत्र में केन्द्रीय नर्सरी पेगवाई में संचालित है । जिसमें सागौन के पौधे तैयार किय जाते हैं । वहां पौधे तैयार करने हेतु किसी भी प्रकार की कोई भी सामग्री का उपयोग न किया जाकर सिर्फखानापूर्ति की जाती हैए जबकि पौधा तैयार करने हेतु करोड़ों का बजट केन्द्र सरकार द्वारा वन विकास निगम को आबंटित किया जाता है , जिसमें भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है ।




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