विवाद में उलझे पीएम आवास का आवंटन निरस्त करने की तैयारी !


पैसे लेकर भी आवास नहीं बना रहे हितग्राही से वसूली जाएगी राशि
विवाद में उलझे पीएम आवास का आवंटन निरस्त करने की तैयारी !

शहरी क्षेत्रों में करीब पांच लाख पीएम आवास बनाए गए हैं। इसमें एक लाख आवास बनाने का काम चल रहा है, जो एक साल के अंदर पूरा कर लिए जाएंगे। बताया जाता है कि नए आवास के आवेदन अब नहीं लिए जा रहे हैं। पूर्व के करीब पचास हजार आवेदन अभी भी निकाय स्तर पर पेंडिंग हैं।


भोपाल. प्रदेश में दस हजार से ज्यादा शहरी आवास विवादों में उलझ गए हैं। आवास की पहली किस्त करीब एक साल पहले हितग्राहियों के बैंक खाते में जमा की गई। इसके बाद भी हितग्राहियों ने मकान निर्माण शुरू नहीं किया। सरकार ने विवाद सुलझाने और हितग्राहियों से राशि वसूलने के संबंध में निकायों को तीन माह दिए हैं। इस अवधि में विवादों का निराकरण नहीं होता है तो हितग्राहियों को आवास आवंटन निरस्त किया जाएगा। राशि दूसरे हितग्राहियों को आवंटित की जाएगी।

दरअसल, हितग्राही ने जिस जमीन पर आवास बनाने का प्रस्ताव दिया था, उसमें उसका स्वामित्व नहीं है। रिकॉर्ड में जमीन दूसरे के नाम से है। ऐसे में भूमि स्वामी अपनी जमीन पर मकान नहीं बनाने दे रहा। कई जगह भाइयों में विवाद चल रहा है। इससे भी काम रुका है। अन्य जगह शासकीय जमीन होने के चलते आवास बनाने में हितग्राहियों को मुश्किल हो रही है। कुछ हितग्राही कोरोना संक्रमण के चलते काल के गाल में समा गए। इस तरह की समस्याओं और विवादों को सुलझाने वार्ड स्तर पर हितग्राहियों की समस्याएं सुनकर निराकरण किया जाएगा। अगर हितग्राही सुलह नहीं करते हैं या दूसरी जमीन का चयन नहीं करते हैं तो आवंटन निरस्त होगा।

दूसरे काम में कर लिए उपयोग

बताया जाता है कि पांच से दस हजार हितग्राही ऐसे हैं जिन्होंने पहली किस्त का उपयोग व्यवसाय शुरू करने, वाहन खरीदने, आयोजन करने आदि में कर लिया। ऐसे लोगों की निकायवार सूची तैयार की जा रही है। राशि वसूलने या आवास बनवाने के संबंध में दबाव बनाया जाएगा।

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