रोझौही में न्यूक्लियर पावर प्लांट का विरोध, ग्रामीणों के विरोध के बाद लौटाईं गईं बोरिंग मशीनें


रीवा | 3 अक्टूबर 2026

रीवा जिले के सिरमौर क्षेत्र के ग्राम रोझौही में प्रस्तावित टाटा पावर के न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को भूमि परीक्षण के लिए पहुंची एमएस फुग्रो कंपनी की दो बोरिंग मशीनों को ग्रामीणों के विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने क्षेत्र में बोरहोल का काम शुरू नहीं होने दिया।

जानकारी के अनुसार, कंपनी के कर्मचारी प्रस्तावित परियोजना की प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत मिट्टी की जांच और बोरहोल करने पहुंचे थे। कंपनी को कुल 8 बोरहोल करने थे। इनमें 4 बोरहोल करीब 100 मीटर और 4 बोरहोल करीब 50 मीटर गहराई तक किए जाने थे।

मशीनें पहुंचते ही जुटे ग्रामीण

बोरिंग मशीनों के रोझौही और सरई कला क्षेत्र में पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने काम का विरोध करते हुए मशीनों को आगे नहीं बढ़ने दिया। उनका कहना था कि प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट के विरोध में रोझौही सहित आसपास के करीब 100 गांवों के लोग लामबंद हैं।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी तरह की परियोजना संबंधी गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय स्तर पर उनकी आपत्तियों और ग्राम सभा के निर्णय को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

ग्राम सभा के प्रस्ताव का हवाला देकर उठाए सवाल

ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कलेक्टर के पत्र क्रमांक 117 के संबंध में ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर असहमति दर्ज कराई जा चुकी है। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा इस संबंध में शासन-प्रशासन को लिखित सूचना दिए जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब पंचायत स्तर पर इस संबंध में असहमति दर्ज कराई जा चुकी है, तो बिना ग्राम पंचायत की सहमति के बोरिंग मशीनें क्षेत्र में कैसे पहुंचीं।

विरोध के बाद वापस लौटीं मशीनें

ग्रामीणों के विरोध और मौके पर बने तनावपूर्ण माहौल के बीच कंपनी की दोनों बोरिंग मशीनों को वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा उनके लिए प्राथमिक मुद्दा है और प्रस्तावित परियोजना के खिलाफ उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।


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