बैरागड, धीरगड, मुण्डेला, दपकन के सैकड़ों प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 18 सूत्री मांग पत्र सौंपा, 22 अप्रैल 2026 के शासन निर्णय का हवाला देकर मांगा 4 गुना मुआवजा
लटेरी/विदिशा| बैरागड/दपकन. टेम नदी मध्यम बांध परियोजना से प्रभावित ग्राम पंचायत बैरागड, धीरगड, मुण्डेला व दपकन के सैकड़ों किसानों एवं विस्थापित परिवारों ने माननीय कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 18 सूत्री मांग पत्र सौंपा है। प्रभावित परिवारों ने मध्यप्रदेश शासन के दिनांक 22 अप्रैल 2026 के निर्णय का हवाला देते हुए भूमि का 4 गुना मुआवजा, मकान एवं अन्य परिसंपत्तियों का उचित मुआवजा तथा पुनर्वास के सभी वैधानिक लाभ शीघ्र दिलाए जाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन एवं अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
प्रभावित परिवारों की व्यथा
ज्ञापन में कहा गया है कि टेम नदी मध्यम बांध परियोजना के कारण दपकन क्षेत्र के अनेक परिवारों की भूमि, मकान एवं अन्य परिसंपत्तियां प्रभावित हो रही हैं। आज तक अनेक प्रभावित परिवारों को विस्थापन संबंधी लाभ, पुनर्वास सुविधाएं तथा निर्मित मकानों का उचित मुआवजा प्राप्त नहीं हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना उचित एवं पूर्ण प्रतिकर दिए प्रभावित परिवारों को विस्थापित करना न्यायोचित नहीं है।
शासन निर्णय का हवाला
प्रभावित परिवारों ने ज्ञापन में कहा कि मध्यप्रदेश शासन की मंत्री परिषद द्वारा दिनांक 22 अप्रैल 2026 को ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि के शासकीय/विकास परियोजनाओं हेतु अर्जन के संबंध में गुणनांक (Multiplication Factor) को 1.0 से बढ़ाकर 2.0 करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के अनुसार ग्रामीण कृषि भूमि के अर्जन पर बाजार मूल्य के आधार पर चार गुना तक मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था की गई है। चूंकि टेम नदी मध्यम बांध परियोजना एक महत्वपूर्ण सिंचाई/जल परियोजना है, अतः प्रभावित किसानों को इस नवीन व्यवस्था का लाभ दिया जाना न्यायोचित है।
18 सूत्री मांग पत्र में ये प्रमुख मांगें
प्रभावित परिवारों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
· टेम परियोजना से प्रभावित क्षेत्र के सभी परिवारों को मकान, भूमि एवं अन्य परिसंपत्तियों का चार गुना मुआवजा दिया जाए।
· जिन प्रभावित परिवारों को अभी तक भूमि का दो गुना मुआवजा दिया गया है, उसे बढ़ाकर 4 गुना किया जाए।
· ग्राम बैरागड के प्रभावित मकानों को बैरागड ग्राम के साथ ही विस्थापित किया जाए तथा शेष बची कृषि भूमि तक सुगम पहुँच मार्ग विस्तृत किया जाए।
· ग्राम दपकन के लिए प्रस्तावित कॉलोनी को भोगाव जिले की सीमा से लगे ग्रामों से जोड़ा जाए तथा कॉलोनी के पहुँच मार्ग का नक्शा तुरंत प्रकाशित किया जाए।
· सर्वे में छूटे रामपुरा एवं भगवानपुरा के परिवारों को सर्वे में शामिल किया जाए तथा भगवानपुरा का 50 वर्ष पुराने नक्शे के आधार पर भूमि सीमांकन किया जाए।
· प्रधानमंत्री आवास योजना पर लगी रोक हटाई जाए तथा पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिया जाए।
· निर्माणाधीन बांध के पहुँच मार्ग का तुरंत सर्वे कर नक्शा प्रकाशित किया जाए।
· भू-अर्जन शाखा में लिखित विलय तत्काल जारी किए जाएं।
· संपत्ति सर्वे में पेश आवश्यक फॉर्मलिटी तुरंत पूरी कर दीवाली से पूर्व 4 गुना मुआवजा प्रभावित परिवारों को प्रदान किया जाए।
· मकान एवं परिवार आईडी का मुआवजा एक साथ दिया जाए।
· जिन परिवारों की समस्त भूमि बांध में डूब चुकी है और केवल मकान शेष है, उन्हें भी विस्थापन का लाभ दिया जाए।
· शेष बची कृषि भूमि पर नई बिजली लाइनें बिछाई जाएं तथा सिंचाई लाइनों का विस्तार कर शेष भूमि पर सिंचाई की व्यवस्था की जाए।
· मकानों के साथ-साथ कुओं/ट्यूबवेल, पेड़-पौधे, विद्युत एवं अन्य निर्माणों का भी मुआवजा दिया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन के अंत में प्रभावित किसानों एवं विस्थापित परिवारों ने स्पष्ट किया है कि यदि उपरोक्त मांगों पर निर्धारित समयावधि में उचित एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है, तो वे अपने वैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के अंतर्गत पूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साथ ही आंदोलन के संबंध में सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों को नियमानुसार पूर्व सूचना दे दी जाएगी तथा कानून-व्यवस्था का पूर्णतः पालन किया जाएगा। प्रभावित परिवारों ने माननीय कलेक्टर से पुनः अनुरोध किया है कि विवाद एवं आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने से पूर्व प्रभावित परिवारों की मांगों का निराकरण करते हुए उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा एवं पुनर्वास लाभ प्रदान करने की कार्यवाही शीघ्र की जाए।




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