700 बच्चों पर मंडरा रहा खतरा, जर्जर भवन में चल रही पढ़ाई


25 लाख की तकनीकी स्वीकृति के बावजूद मरम्मत शुरू नहीं, फंड का इंतजार

रीवा, 18 जुलाई। गंगेव जनपद के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हिनौती में जर्जर भवनों के बीच करीब 700 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई जारी है। विद्यालय प्रबंधन ने भवन की खराब स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि 25 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति मिलने के बावजूद प्रशासकीय स्वीकृति और फंड जारी नहीं होने से मामला लंबित है।
विद्यालय के प्राचार्य प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि क्षतिग्रस्त भवनों की जानकारी समय-समय पर शासन स्तर पर भेजी जाती रही है। अधोसंरचना संबंधी विवरण, प्रस्ताव तथा अन्य पत्र पंचायत विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द मरम्मत कराया जाना आवश्यक है।
ग्राम पंचायत सेदहा की सरपंच पूनम सिंह एवं प्रतिनिधि पुष्पराज सिंह के अनुसार, ग्राम सभा का प्रस्ताव पारित कर विद्यालय भवन की मरम्मत एवं अन्य कार्यों के लिए 25 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति वर्ष 2025 में जारी की गई थी। यह राशि जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) मद से स्वीकृत होना प्रस्तावित थी, लेकिन अब तक प्रशासकीय स्वीकृति और बजट जारी नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
इस बीच सामाजिक एवं आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी ने विद्यालय का निरीक्षण कर पालक-शिक्षक संघ एवं स्थानीय नागरिकों के साथ चर्चा की। उनका कहना है कि विद्यालय भवन की स्थिति गंभीर है और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
गौरतलब है कि हाल ही में संभागायुक्त एवं कलेक्टर ने जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में हिनौती विद्यालय में क्षतिग्रस्त भवनों के बीच पढ़ाई जारी रहने से अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

डीएमएफ मद से राशि जारी होने में देरी को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब निगाहें जिला प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए मरम्मत कार्य कब शुरू हो पाता है।

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