स्टाफ की भारी कमी, इमरजेंसी में नहीं मिल पा रहा इलाज
आनंदपुर — क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। आनंदपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अमले की भारी कमी के चलते मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। केंद्र में इस समय केवल एक डॉक्टर और एक नर्स कार्यरत हैं, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार यहाँ कम से कम दो डॉक्टर और दस चिकित्सा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य है।
निजी क्लीनिक सील, बोझ बढ़ा सरकारी अस्पताल पर
हाल ही में अनुभागीय अधिकारी नितिन जैन के निरीक्षण के दौरान तीन अवैध निजी क्लीनिकों को सील किया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सरकारी अस्पताल का रुख कर रहे हैं। लेकिन पर्याप्त स्टाफ और संसाधन न होने के कारण अस्पताल सभी मरीजों को सुविधाएँ उपलब्ध कराने में असमर्थ साबित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि घंटों इंतजार के बावजूद कई बार उन्हें बिना उपचार वापस लौटना पड़ता है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
आनंदपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थानीय विधायक भी निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति देखकर यह साफ है कि तब से अब तक हालात “जस के तस” बने हुए हैं। वर्षों से चल रही स्टाफ की कमी और अव्यवस्थाओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
RTI एक्टिविस्ट भी उठा चुके हैं मांग,
इससे पहले भी आरटीआई एक्टिविस्ट एवं पत्रकार शुभम सोनी द्वारा आनंदपुर में डॉक्टरों की नियुक्ति और जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर प्रशासन को कई बार अस्पताल से जुड़ी समस्याओं से लिखित में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार की कार्रवाई न किए जाने से क्षेत्रीय लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायतों एवं विकल्प मांगों की बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इमरजेंसी सुविधा ठप, जोखिम बढ़ा गंभीर परिस्थितियों में भी अस्पताल में
मरहम-पट्टी,
सलाइन,
इंजेक्शन,
फ्रैक्चर उपचार
जैसी बुनियादी चिकित्सा सामग्री व सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं।
ऐसे में दुर्घटना या अचानक बीमारी के शिकार मरीजों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थिति कई बार गंभीर हो जाती है।
समाजिक संगठन ने उठाई आवाज — “व्यवस्थाएँ जल्द सुधारी जाएं”
स्थानीय जन चेतना मंच की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र पाटीदार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिगड़ी व्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन को तत्काल स्थायी डॉक्टरों की नियुक्ति कर उचित स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जन आंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने भी शासन-प्रशासन से मांग की है कि
डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाए
आवश्यक दवाइयाँ और उपकरण उपलब्ध कराए जाएँ इमरजेंसी सेवा को तत्काल बहाल किया जाए इस गंभीर जन समस्या को लेकर ह हमने क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा को उनके नंबर 8959711525 पर संपर्क किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका है लेकिन हमारी मांग है कि इस जन समस्या को लेकर विधायक उमाकांत शर्मा द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी जिससे स्थानीय एवं क्षेत्र के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संपूर्ण लाभ मिल सके




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