भोपाल/ मध्य प्रदेश कांग्रेस में व्यापक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने भी इसके संकेत दे दिए हैं जिले के 52 जिलों के संगठन प्रभारी बदलने के बाद कमलनाथ मध्य प्रदेश के जिले अध्यक्षों को बदलने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं
पार्टी सूत्रों के अनुसार कमलनाथ पदाधिकारी और जिला अध्यक्षों की परफॉर्मेंस संतोषजनक नहीं होने से उन्हें बदल सकते हैं वही खबर यह भी है कि करीब 25 से 30 जिला अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष के निशाने पर हैं जिनको परिणाम आने के बाद हटाकर मेहनती कार्यकर्ताओं को मौका देने की तैयारी की गई है मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सूत्रों के अनुसार कई जिलों में कांग्रेस अध्यक्ष को बदला जा सकता है जिसमें निष्क्रिय अध्यक्षों के साथ ऐसे जिला अध्यक्षों को भी शामिल किया गया है जिन्होंने निकाय चुनाव में पार्टी के साथ भितरघात किया जिसकी कमलनाथ द्वारा सूची तैयार की गई है कांग्रेस नेताओं की छुट्टी होना तय है प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर कांग्रेस पार्टी अब सक्रिय दिखाई दे रही है कांग्रेस पार्टी आने वाले 2023 के चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती
कांग्रेस में वूथ मजबूती की कवायद शुरू हो गई है नगरीय निकाय चुनाव के बाद 5 नगर निगमों को मिली कामयाबी से कार्यकर्ताओं का हौसला बुलंद हुआ है जिसके बाद अब कमलनाथ प्रदेश में कांग्रेस की जमीनी स्तर पर खड़ा करने की पूरी जिम्मेदारी खुद ने ली है स्वयं कांग्रेस को जमीनी स्तर पर खड़ा करने के लिए कार्य कर रहे हैं वही विधायकों और जिला अध्यक्षों का प्रभाव वापस लिया गया है साथ ही पार्टी के फुल टाइम वर्कर को कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनाने की योजना तैयार की गई है
हो सकते हैं बड़े बदलाव
पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की छुट्टी होना लगभग तय मानी जा रही है करीब 25 से 30 जिलों के अध्यक्षों को बदला जा सकता है जिन्होंने निकाय चुनाव में पार्टी के साथ भीतर घाट किया है वही ज्योतिरादित्य सिंधिया के 22 विधायकों द्वारा भा जा पा का दामन थाम लेने के बाद कांग्रेस में संगठन की कमान और पार्टी के उन मजबूत कार्यकर्ताओं को हाथ में देने की तैयारी की जा रही है जिन्होंने विधानसभा चुनाव में बूथ से लेकर ब्लॉक स्तर पर संगठन की कमान जिला प्रभारियों सहित सभी प्रभारियों के हाथ में दी जाएगी वही पीसीसी ने भाजपा के साथ दलगत राजनीति करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जानकारी भी मंगाई है ऐसे नेताओं पर लगाम लगाई जाना पार्टी के लिए 2023 के चुनाव में और मजबूती लेकर आ सकती है
मजबूत संगठन बनाएंगे कमलनाथ
मिशन 2023 पर काम कर रहे प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ संगठन में कसावट लाने के बाद एक से एक सख्त फैसले किया है कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ विधायक एनपी प्रजापति से मंडलम सेक्टर का प्रभार वापस ले लिया और ग्वालियर मैं अब यह जिम्मेदारी कद्दावर नेता अशोक सिंह को दी गई हालांकि अशोक सिंह दिग्विजय सिंह के करीबी और पार्टी में कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे है कमलनाथ का प्रयास है कि मंडलम सेक्टर और बूथ स्तर तक नए सिरे से संगठन खड़ा किया जाए सक्रिय नेताओं को बार्यत दी जा रही है वही पार्टी ने मंडलम सेक्टर और बूथ स्तर तक के पदाधिकारी बनाए थे





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