पक्का विश्वास है कि मुख्यमंत्री हमारी मांग को नहीं टालेंगे ' , सिरोंज सर्वदलीय बैठक में दिया बयान
विदिशा सिरोंज । सिरोंज जिला अभियान को लेकर रविवार को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें सिरोंज क्षेत्र के अलावा आसपास क्षेत्रों में लटेरी, आनंदपुर , मुगलसराय कालादेव , कुरवाई , पठारी , मेहलुआ चौराहा , बमोरीसाला सहित विभिन्न क्षेत्र से जनप्रतिनिधि , सामाजिक संगठन प्रमुख राजनीतिक व बड़ी संख्या में इन क्षेत्रों से लोग शामिल हुए । जिसमें सर्वप्रथम समिति के महामंत्री एडवोकेट कपिल त्यागी ने संगठन द्वारा किए गए आंदोलन व संघर्ष की भूमिका के बारे में सभी को अवगत कराया एवं साथ आगामी अभियान को लेकर तरीके से अभियान को जारी रखना है चलाना है इसको लेकर जनता की अपनी क्या राय है इस पर बिंदुवार जानकारी को लेकर चर्चा की है ।
सिरोंज जिला बनेगा कोई माई का लाल सिरोज को जिला बनने से नहीं रोक सकता विधायक हरि सिंह सप्रे
इस पूरी बैठक के दौरान माहौल तो तब वन गया जब वक्तव्य देने का आव्हान कुरबाई विधायक हरिसिंह सप्रे का किया गया उन्होंने अपने वक्तव्य में जो बात कही उसके बाद तालियों की गड़गड़ाहट से सारा परिसर गुंजायमान हो गया । भारत माता की जय घोष के बाद उन्होंने कहा कि सिरोंज जिला बनेगा कोई कोई माई का लाल सिरोज को जिला बनने से नहीं रोक सकता और ना ही हमें आंदोलन की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि मध्य प्रदेश के मुखिया बहुत ही सहज और सरल व्यक्तित्व के धनी है । यदि आप लोग चलना चाहे तो 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल मेरे साथ मुख्यमंत्री जी से मिलने के लिए चल सकता है । जहां हम अपनी बात प्रदेश के मुखिया के समक्ष रखेंगे । इसके बाद यदि आपको लगता है तो आप आगे के रास्ते अपनाएं अन्यथ मुझे पक्का विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी हमारी बात को नहीं टालेंगे । इसके बाद अन्य लोगों ने भी बैठक में अपने अपने विचार साझा किए ।
इस दौरान एडवोकेट अवधनारायण श्रीवास्तव , व्यापार संघ के अध्यक्ष पदम ताम्रकार , पूर्व आईएएस अधिकारी सभाजीत यादव , पूर्व विदिशा एडीएम रह चुके आईएएस आर . वी . प्रजापति पूर्व
जिला न्यायाधीश एन एस मीणा , पूर्व जिला जिला उपाध्यक्ष राम मोहन पाराशर , गगनेंद्र रघुवंशी , अशोक यादव , अंसार खान , रिकी रघुवंशी , राहुल त्यागी , नरेंद्र पाटीवार , आविंद रघुवंशी , अंकित साहू , देवकीनंदन शर्मा , सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे । इस बार सिरोंज जिला जरूर बनेगा समिति के महामंत्री कपिल त्यागी ने दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि 1983 में मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुनसिंह ने जिला सीमा पुर्नगठन आयोग बनाया और आयोग द्वारा नवीन जिला बनाने सुझाव मांगे गए तब नगरवासियों ने 20 दिसंबर 1983 को बैठक कर सिरोज | जिला बनाओ समिति गठित कर सिरोज को जिला बनाने , जिला पुरंगठन आयोग को मांग पत्र सौंपा , भाजपा सरकार के तत्कालिन मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा ने जिला पुर्नगठन आयोग की रिपोर्ट पर 16 नवीन जिले बनाने का निर्णय लिया । उस निर्णय को तकनीकी आधार पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई । इस पर हाईकोट ने स्टे लगा दी हाईकोट का स्टे हटने पर 3 सितंबर 1992 को राजस्व विभाग भोपाल गजट नोटिफिकेशन के अनुसार मध्यप्रदेश के 16 नवीन जिले गठन करने की कार्रवाई प्रारंभ हुई । इन 16 जिलों में सिरोज का नाम शामिल ना होने से सिरोंज वासियों ने सामूहिक रूप से सर्वदलीय सभा कर 22 सितंबर 1992 को अध्यक्ष जिला पुर्नगठन आयोग को ज्ञापन सौंपकर दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सिरोज को जिला बनाने की मांग की थी ।
टोंक रियासत में जिला था सिरोंज आजादी के पूर्व प्राचीन काल में व्यापारिक नगर सिरोज मलमल के वस्त्र बनाने में पूरे देश भर में प्रसिद्ध था । शहर में सिक्के ढलने की टकसाल रही है । इसके बाद यह चंदेरी रियासत में शामिल रहा है । शहर महाराज छत्रपाल के अलावा अन्य शासन काल में हालकर राज्य का जिला रहा है । होलकर राज्य की रानी अहिल्या देवी द्वारा निर्मित नीलकंठ मंदिर आज भी यहां प्रसिद्ध है । इसके बाद अंग्रेजों से समझौता के तहत रियासत टॉक में सिरोज 1949 तक जिला रहा । रियासत टॉक को आजादी के बाद राजस्थान राज्य में विलीन होने पर सिरोज को जिले का दर्जा समाप्त कर राजस्थान के जिला कोटा में अनुविभाग बना दिया गया । इसके बद शहर में हमेशा आईएएस अधिकारी नियुक्त होते रहते है । 1 नवम्बर 1996 मध्यप्रदेश राज्य के गठन में राजस्थान के कोटा जिले से प्रथक कर मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में शामिल कर इसको अनुविभाग बना लिया गया ।




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