भोपाल के डेढ़ लाख संचालकों पर पड़ेगा असर दस साल पुराने ऑटो को नहीं मिलेगा परमिट , सीएनजी में बदलवाना होगा

भोपाल के डेढ़ लाख संचालकों पर पड़ेगा असर दस साल पुराने ऑटो को नहीं मिलेगा परमिट , सीएनजी में बदलवाना होगा

भोपाल के डेढ़ लाख संचालकों पर पड़ेगा असर दस साल पुराने ऑटो को नहीं मिलेगा परमिट , सीएनजी में बदलवाना होगा

अब ऑटो चालकों को नहीं दिए जा रहे परमिट


भोपाल मध्य प्रदेश/ परिवहन विभाग द्वारा हाई कोर्ट के निर्देश पर अमल करते हुए अब दस साल पुराने ऑटो को परमिट देना बंद कर दिया । इसके चलते अब इन ऑटो चालकों को सीएनजी में बदलना होगा । दरअसल राजधानी सहित देशभर में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है । इसको लेकर एक तरफ जहां परिवाहन विभाग ने प्रदेशभर में स्क्रैप पॉलिसी लागू की है । इसमें जहां 15 साल पुराने चार पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन के रिन्युअल पर रोक लगाई गई है । वहीं दस साल पुराने पेट्रोल - डीजल से संचालित ऑटो पर रोक लगा दी गई । इसके चलते राजधानी के करीब डेढ़ लाख से अधिक ऑटो चालकों पर असर पड़ेगा । • पिछले दो - तीन दिनों से दस साल पुराने ऑटो चालकों को परमिट जारी नहीं किए जा रहे है । अब इन ऑटो संचालकों को परमिट के लिए या तो सीएनजी किट लगवाकर वाहन में परिवर्तन करवाना होगा । हर ऑटो रिक्शा संचालक को व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस ( व्हीटीडी ) लगवाना भी जरूरी होगा । विशेष रूप से महिला यात्रियों के ऑटो रिक्शा में सफर के दौरान नजर रखी जा सकेगी ।

इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अरविंद सिंह सक्सेना ने बात करते हुए बताया कि परिवहन विभाग द्वारा अभी दस साल पुराने ऑटो चालको को परमिट देने पर रोक लगाई है । कुछ दिनों बाद अगर यह सीएनजी किट नहीं लगवाते तो ऐसे चालकों पर कम से कम एक हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा ।


60 फीसदी चालकों ने ई - रिक्शा में बदला ऑटो

परिवहन विभाग के इस नियम को लागू करने से पहले राजधानी के 60 फीसदी से अधिक संचालकों ने अपने ऑटो को बदलकर ई - रिक्शा चलाना शुरू कर दिया है । बाकी बचे डीजट - पेट्रोल ऑटो के संचालकों सीएनजी किट लगवानी होगी । इसके बाद इन्हें परमिट जारी कर दिया जाएगा ।

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