राहुल गांधी ने खंडवा जिले के बड़ौदा अहीर गांव में सभा को सम्बोधित घोषणा की कि यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनती है ,तो 'वनवासी' शब्द समाप्त कर देगी और आदिवासियों को उनका अधिकार देगी.
खंडवा (मध्य प्रदेश): राहुल गांधी ने गुरुवार को एक सभा समबोधन के दौरान कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘वनवासी’ शब्द का इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में एक नए शब्द का इस्तेमाल किया और उन्होंने आदिवासियों को ‘वनवासी’ कहा. राहुल गांधी ने ‘वनवासी’ शब्दों पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए घोषणा की यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में वापस आती है, तो ‘वनवासी’ शब्द समाप्त कर देंगे और आदिवासियों को उनका अधिकार दिया जाएगा.
भाजपा कहे ‘वनवासी’ - जंगल के वासी
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 24, 2022
कांग्रेस बोले आदिवासी - देश के मालिक
ये फ़र्क सिर्फ़ नाम का नहीं, उत्पीड़न और सशक्तिकरण की मानसिकताओं का है। #CongressForAdivasis pic.twitter.com/hJIlrQedSO
दरअसल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी खंडवा जिले के बड़ौदा अहीर गांव टंट्या मामा की जन्मस्थली पर भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जनसभा को संबोधन के दौरान यह बात कही है. उन्होंने टंट्या मामा की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया.उन्होंने भाषण के दौरान कहां है कि, ‘वनवासी यानी आदिवासी देश के पहले मालिक नहीं हैं. वे केवल जंगल के मालिक हैं. जंगल के बाहर उनका अधिकार नहीं है. जंगल धीरे-धीरे काटे जा रहे हैं और फिर उन्हें बाहर फेंक दिया जाएगा.’
आगे उन्होंने कहा है कि, ‘मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा अत्याचार आदिवासियों पर होता रहा है. आदिवासी मतलब बताते हुए उन्होंने कहा है कि भारत में पहले वही. है जब इस देश में कोई नहीं रहता था तब आदिवासी यहां रहते थे. आदिवासीयों को ही इस देश के असली मालिक बताया हैं. उनका जल, जंगल और जमीन पर पहला हक है.’ गांधी ने आगे कहां की आदिवासियों के बच्चों को अधिकार मिलना चाहिए. अगर उनका बच्चा इंजीनियर या डॉक्टर बनना चाहता है, तो सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए.’आगे उन्होंने सभा के दौरान भाषण में कहा है कि पेसा एक्ट और आदिवासियों के लिए जंगल का अधिकार कांग्रेस पार्टी ही लाई थी
इसी दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहां है कि, ‘टंट्या मामा का नाम लेते ही दिमाग में सबसे पहला शब्द निडर क्रांतिकारी आता है. लेकिन जब टंट्या मामा को अंग्रेजों ने फांसी दी, तब आरएसएस ब्रिटिश सरकार की मदद कर रहा था.’






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