राष्ट्रपति का जीवन प्रेरणादायक :
शिवराज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज मप्र की धरती पर राष्ट्रपति का आगमन हुआ है । शहडोल में लाखों लोगों ने उनका अभिनंदन किया । राष्ट्रपति जी का जीवन हमें प्रेरणा से भर देता है । वह सामान्य परिवार में जन्मी लेकिन लगता है ईश्वर ने उनकी कठिन परीक्षा ली । अपने स्वजनों से बिछुड़ते कभी | विचलित नहीं हुई ।
कई परियोजनाओं का किया शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय राजमार्ग अंतर्गत रातापानी अभयारण्य से गुजरने वाले साढ़े बारह किमी लंबे मार्ग एवं राष्ट्रीय रक्षा अनुसंधान केंद्र ग्वालियर में स्थापित होने वाली प्रयोग शाला के लिए वर्चुअली भूमिपूजन किया । रातापानी अभयारण्य में उक्त फोरलेन सड़क 18 महीने में बनकर पूरी हो जाएगी । राता पानी अभयारण्य से गुजरने वाले पुराने एनएच -69 में ओबेदुल्लागंज से बुदनी के बीच केंद्रीय वन मंत्रालय का क्लीयरेंस न मिलने से करीब साढ़े 12 किमी लंबे उक्त मार्ग का काम अटका हुआ था । यह मंजूरी हाल ही में मिली है ।
इन्होंने किया राष्ट्रपति का नागरिक सम्मान नागरिक सम्मान
कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू को राज्यपाल पटेल ने साँची स्तूप की प्रतिकृति और मुख्यमंत्री ने अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया । | मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की जनजातीय संपदा पर केंद्रित पुस्तक भी राष्ट्रपति को भेंट की । विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम , भोपाल महापौर मालती राय , पद्मश्री भूरी बाई , समाज सेवी ओम मेहता , मनमोहन अग्रवाल और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एमएल नायडू ने भी राष्ट्रपति का सम्मान किया ।
स्वच्छता में नंबर इंदौर की राष्ट्रपति ने की सराहना
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पिछले महीने केन्द्र सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में छठीं बार सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को पुरस्कृत करने का अवसर मुझे मिला । सबसे साफ शहरों में से एक तिहाई शहर मप्र में हैं । स्वच्छता के क्षेत्र में मप्र के प्रयास देश भर के लिए अनुकरणीय हैं । रानी दुर्गावती और झलकारी बाई ने महिलाओं के त्याग और समर्पण की कहानियां लिखी । इंदौर की अहिल्या बाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ का जीर्णोद्धार कर देश में अपनी छाप छोड़ी । भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम जनजातीय वर्ग की रानी कमलापति के नाम पर किया गया है ।
जनजातीय समुदाय का गौरव बढ़ाया : राज्यपाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि श्रीमती मुर्मू ने साधारण पृष्ठभूमि से निकल कर संघर्षों एवं कर्मठता के बल - बूते , राष्ट्र के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुँचकर जनजातीय समुदाय का गौरव बढ़ाया है । उन्हें देश की पहली महिला जनजातीय राष्ट्रपति होने का गौरव प्राप्त होने से देश में विश्वास और प्रेरणा का नया वातावरण निर्मित किया है ।








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