सहकारिता विभाग के उपायुक्त की जांच के बाद एफ आई आर के दिया आदेश किसानों पर होगी एफआईआर
कारवाई ● चना घोटाले में एक लाख के बदले 20 हजार का फर्जी बिल्टी बनाकर कमीशन के दौरान किया था फर्जीवाड़ा
धार मध्य प्रदेश / चना खरीदी में हुए घोटाले की जांच जारी है मार्केटिंग सोसायटी में समर्थन मूल्य पर जून 2018 में खरीदे गए । फर्जीवाड़े में शामिल सोसायटी के अधिकारी कर्मचारियों के बाद बेचे गए चने की अतिरिक्त फर्जी तरीके से राशि लेने वाले किसानों पर भी गाज गिरने वाली है । सहकारिता विभाग के उपायुक्त ने मामले में प्रथम दृष्टता तीन किसानों से 4.9 लाख की वसूली निकाल एफआईआर के आदेश दिए हैं । जांच के दौरान पाया गया कि फर्जी तरीके किसानों ने अपने खाते में एक लाख रुपए डलवाने के बदले 20 हजार रुपए तक का कमीशन लिया था । वहीं इस पूरे मामले में आगामी दिनों में सोसायटी से जुड़े तत्कालीन कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात की जा रही है । मार्केटिंग सोसायटी में फर्जीवाड़ा उजागर होने से 117 किसानों का 1.9 करोड़ का भुगतान नहीं हो पाया था । जिसके बाद पूरा मामला सीएम तक पहुंचने के बाद किसानों को राशि मिली थी
दरअसल शहर में समर्थन मूल्य पर मार्केटिंग सोसायटी में 11 अप्रैल से 9 जून तक 4400 रु . प्रति क्विंटल के भाव चना व मसूर की खरीदी की थी । चना खरीदी प्रभारी पंकज सोनी , सर्वेयर विनय भाटी व कम्प्यूटर ऑपरेटर राहुल चौहान ने मिलकर फर्जी बिल्टी बनाकर 3 हजार क्विंटल चना , 55 क्विंटल मसूर को फर्जी तरीके से वेयर हाउस में पहुंचना बताया था । जब ऑनलाइन स्टॉक और सत्यापित स्टॉक में अंतर आया तो यह पूरा घोटाला सामने आया । इस बीच किसानों का भुगतान अटक गया था । अनारद के किसान राजाराम गेंदालाल ने समाधान ऑनलाइन में शिकायत कर सीएम को पूरा घटनाक्रम बताया था । जिसके बाद सीएम ने अफसरों की क्लास लगाते हुए राशि जारी कराई थी । चना घोटाला में चार कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है । आरोपी पंकज सोनी , विनयसिंह भाटी व कम्प्यूटर ऑपरेटर हरजीत सिंह उर्फ राहुल चौहान निवासी नौगांव को जेल हो चुकी है ।
वही इस पूरे मामले में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंकज सोनी ने अलग - अलग स्तर पर यह घोटाला किया था । वही जांच के दौरान बारदानों का उपयोग कम होना सामने आया । उदाहरण के तौर पर समझा जाए तो 100 क्विंटल चना खरीदने पर 200 बारदान की आवश्यकता होती है । जबकि यहां केवल 170 बोरियों का उपयोग किया गया साथ ही चना खरीदी में हम्माली का भुगतान भी कम पाया गया । ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रक में चना भेजने की बिल्टी में एक ही बिल्टी का कई बार उल्लेख किया गया था मार्केटिंग सोसायटी में 85,586 क्विंटल चना खरीदा था । जब कथित तौर पर वेयरहाउस में मिलान करने पर 3007.50 क्विंटल का अंतर आया था जो फर्जी विल्टियां बनाकर खरीदना बताया गया । इतना ही नहीं मसूर भी 6534 क्विंटल खरीदने पर वेयर हाउस में 55 क्विंटल का अंतर आया । कुल 3062.50 क्विंटल फर्जी स्टॉक दिखाकर भुगतान किया । मामला सामने आने के बाद कार्रवाई की जा रही है
वसूली कर 3 किसानों पर की जाएगी एस आई आर.
केस 1 खैरोद के किसान कमलसिंह दांगी ने 40 क्विंटल चना बेचा था । किसान के खाते में 1 लाख 76 हजार रुपए आने थे । जबकि कर्मचारियों के लालच में आकर इनके खाते में भी 25 क्विंटल के अतिरिक्त 1 लाख 10 हजार रुपए का भुगतान किया गया था ।
केस 2 पिपल्दा के किसान शेखर रघुवंशी ने 4400 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से 40 क्विंटल चना बेचा था । किसान के खाते में 1 लाख 76 हजार रुपए आने थे । कर्मचारियों की मिलीभगत से इनके खाते में 59.50 क्विंटल का अतिरिक्त 2 लाख 61 हजार 800 रुपए का भुगतान किया गया था ।
केस 3 जामंदा के किसान रमेशदास भेरुदास बैरागी ने 15 क्विंटल चना बेचा था । 66000 रुपए का भुगतान करना था । कर्मचारियों व किसानों के साथ मिलकर इन्होंने भी अपने खाते में 37 हजार 400 रुपए का फर्जी भुगतान कराया ।





0 टिप्पणियाँ