विधानसभा चुनाव से पहले अगले साल भरे जाएंगे टीचर्स के 29 हजार पद शिक्षक पात्रता परीक्षा- 2023 की तैयारी शुरू

 

इलेक्शन से पहले अगले साल भरे जाएंगे टीचर्स के 29 हजार पद शिक्षक पात्रता परीक्षा- 2023 की तैयारी



ओबीसी आरक्षण में यह स्थिति पात्रता परीक्षा के माध्यम से नियुक्त होने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग ( ओबीसी ) अभ्यर्थयों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण रोककर रखा गया है । ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मामला अभी कोर्ट में लंबित है । यदि न्यायालय फैसला देता है , तभी इस वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा , वरना 14 प्रतिशत ही पात्र होंगे । वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रविधान किया गया है ।


 भोपाल, भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग विधानसभा इलेक्शन के ठीक पहले वर्ष 2023 में शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी कर रहा है । इसमें पात्र पाए गए अभ्यर्थियों से शिक्षकों के 29 हजार से अधिक पद भरे जाएंगे । वर्ष 2020 के रोस्टर के आधार पर होने वाली इस भर्ती से स्कूल शिक्षा विभाग में 15 हजार और जनजातीय कार्य विभाग में 14 हजार पद भरे जाएंगे । वर्ष 2018 में में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया था । इसमें पात्र पाए गए अभ्यर्थयों के लिए भर्ती अविध बढ़ाकर वर्तमान में शिक्षकों के 17 हजार से अधिक पद भरे जा रहे हैं । कर्मचारियों की संख्या की दृष्टि से बड़े स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 70 हजार से अधिक पद खाली हैं । वहीं हर साल डेढ़ से दो हजार पद रिक्त भी होते हैं । इस अनुपात में भर्ती नहीं होती । जिससे शिक्षकों की कमी बनी रहती है । इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने हर साल नियुक्ति करना तय किया है । सामान्य प्रशासन विभाग के नियम कहते हैं कि विभाग कर्मचारियों की संख्या के पांच प्रतिशत रिक्त पदों पर अपने स्तर पर भर्ती कर सकते हैं । इससे अधिक पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेनी होती है । इसी नियम को आधार बनाकर विभाग ने हर साल भर्ती करने की रणनीति बनाई है । इस लिहाज से करीब 29 हजार पदों पर हर साल नियुक्ति की जा सकेगी । वर्ष 2023 में पात्रता परीक्षा भी इसी उद्देश्य के लिए आयोजित की जा रही है । 


10 वीं व 12 वीं के परीक्षा फार्म जमा करने की तारीख दो सप्ताह बढ़ी भोपाल । माध्यमिक शिक्षा मंडल ( माशिमं ) ने शैक्षणकि सत्र 2022-23 की 10 वीं व 12 वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथियों में संशोधन किया है । अब छात्र चार दिसंबर तक विलंब शुल्क 2 हजार रुपए के साथ फॉर्म जमा कर सकेंगे । शेष नियम व शर्ते यथावत रहेंगी । बता दें कि मंडल की ओर से 10 वीं व 12 वीं परीक्षा में सामान्य शुल्क 900 रुपए फीस के साथ 30 सितंबर तक का समय दिया गया था । इसके बाद 100 रुपए विलंब शुल्क लगना था । इसके बाद विलंब शुल्क बढ़कर दो हजार रुपए हो गया है । विलंब शुल्क दो हजार रुपए के साथ 20 नवंबर तक फॉर्म जमा करने थे , लेकिन अभी भी प्रदेश के करीब तीन हजार विद्यार्थियों के फॉर्म जमा नहीं हो पाए थे ।


9 वीं से 12 वीं की छमाही परीक्षाएं 12 दिसंबर से सरकारी स्कूलों में नौवीं से 12 वीं की छमाही परीक्षाएं 12 दिसंबर से शुरू होंगी । पहले ये परीक्षा एक दिसंबर से शुरू होने वाली थी , लेकिन चार व पांच दिसंबर को अनुगूंज कार्यक्रम होने के कारण तारीख आगे बढ़ा दी गई । इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ( डीपीआइ ) ने आदेश जारी कर दिए हैं । इसमें लिखा है कि छमाही परीक्षा की तारीख बढ़ा दी गई है । अब छमाही परीक्षा 12 से 19 दिसंबर के बीच आयोजित होंगी । वर्तमान में स्कूलों में विद्यार्थियों को सांस्कृति कार्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है । इससे कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं ।

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