खातेगांव TI दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, मां-बेटे का अंतिम मिलन देख नम हुईं आंखें,

शराब से भरे ट्रक को पकड़ने के दौरान गई थी जान, बेटे को ताबूत में देख मां बेसुध; पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पसरा मातम

धार/देवास। देवास जिले के खातेगांव में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। अपने बेटे को तिरंगे में लिपटा देखकर मां खुद को संभाल नहीं सकीं। वह बेटे के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। वहीं पत्नी और बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा।

टीआई दिलीप पुरी के निधन की खबर मिलते ही उनके गृहग्राम में शोक की लहर फैल गई थी। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे। शोक के चलते गांव का बाजार भी बंद रहा। हर आंख नम थी और परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।

इंदौर में पुलिस अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

दिलीप पुरी का पार्थिव शरीर सोमवार को इंदौर स्थित उनके निवास पर भी लाया गया था। यहां पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इंदौर के आजाद नगर, चंदन नगर और हीरानगर थानों में थाना प्रभारी के रूप में सेवाएं दे चुके दिलीप पुरी को अंतिम विदाई देने के लिए विभिन्न जिलों से पुलिसकर्मी पहुंचे।

शराब से भरे ट्रक को पकड़ने के दौरान हुई थी घटना

जानकारी के अनुसार देवास जिले के खातेगांव में शराब से भरे ट्रक को पकड़ने की कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की जान चली गई। आरोप है कि इस दौरान उन्हें आयशर वाहन से कुचल दिया गया। घटना ने पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया है।

परिजन और ग्रामीण घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले थाना प्रभारी को पुलिस विभाग की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के असमय चले जाने से परिवार ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

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