सारंगपुर में पुल के ऊपर से बह रहा था पानी, फिर भी कार लेकर नाला पार करने की कोशिश; 4-5 घंटे चले रेस्क्यू के बाद मिले सभी शव
राजगढ़/सारंगपुर। जिले में सोमवार सुबह तेज बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। सारंगपुर क्षेत्र के पड़ाना बायपास के पास उफनते झिरी नाले को पार करने की कोशिश में एक ईको कार तेज बहाव में बह गई। कार में एक ही परिवार के 11 लोग सवार थे। हादसे में 9 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जबकि 2 लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। करीब चार से पांच घंटे तक चले अभियान के बाद गोताखोरों ने पानी से सभी 9 शव बरामद कर लिए।
दर्शन और इलाज के लिए निकला था परिवार
जानकारी के अनुसार देवास जिले के धंसाड़ निवासी शंकरलाल अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ राजगढ़ जिले के सारंगपुर स्थित कड़लावद धाम में दर्शन के लिए जा रहे थे। परिवार के साथ शंकरलाल की लकवा पीड़ित पत्नी के उपचार की भी योजना थी।
कार में 3 महिलाएं, 4 बच्चे और 4 पुरुष समेत कुल 11 लोग सवार थे। पड़ाना बायपास के पास पहुंचने पर झिरी नाले का पानी पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ बह रहा था। इसी दौरान कार चालक ने वाहन को पुल से निकालने की कोशिश की और कार पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई।
9 लोगों की मौत, मृतकों में दो बच्चे भी
हादसे में शंकरलाल, उनकी पत्नी सागरबाई, बेटे विशाल, बहू पूजा, पोतियां वंशिका और महक, बेटी रीनाबाई तथा रीनाबाई के बच्चे जसप्रीत और रामवीर की मौत हो गई।
कार में सवार दो लोगों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
बाइक सवार दो युवक भी बह गए, एक की मौत
राजगढ़ जिले में बारिश के दौरान एक अन्य हादसा भी सामने आया। भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुमारा में पुलिया पार करते समय बाइक सवार दो युवक तेज बहाव की चपेट में आ गए।
एक युवक को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि पाड़ाखाना निवासी कमल मालवीय पानी में बह गया। उसकी डूबने से मौत हो गई।
पुल पर पानी आने के बाद भी आवाजाही पर सवाल
पड़ाना हादसे के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल पर पानी का तेज बहाव होने के बावजूद वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।
लोगों के मुताबिक रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं किया गया था और न ही पर्याप्त पुलिस बल तैनात था, जिससे वाहन चालकों को पुल पार करने से रोका जा सके। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि पुल पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होने के कारण खतरे का अंदाजा लगाना मुश्किल था।
CM ने 4-4 लाख रुपए की सहायता की घोषणा की
हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
लगातार बारिश के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी-नालों के उफान पर आने के दौरान पुल-पुलियाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही रोकने के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




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