विदिशा। एमपी फार्म गेट एप तथा प्रदेश में भारत सरकार की योजना कृषि अवसंरचना निधि एआईएफ की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करने आज मंगलवार को कृषकों, व्यापारियों, उद्यमियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को इन योजनाओं की मुख्य विशेषताएं जैसे फसलोपरांत प्रबंधन एवं सामुदायिक खेती संबंधित परियोजना की जानकारी मंडी बोर्ड भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सांची रोड स्थित भंडारी पैलेस होटल कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के प्रारंभ में मंडी बोर्ड के अपर संचालक श्री चंद्रशेखर वशिष्ठ द्वारा उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत किया गया। विदिशा कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव कार्यशाला में विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही अपर कलेक्टर/अपर संचालक मंडी बोर्ड श्रीमती रितु चौहान कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। भारत सरकार की योजना एआईएफ की प्रशंसा करते हुए इस महत्वापूर्ण अवसर का लाभ उठाने हेतु कलेक्टर द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। देश में कृषि अधोसंरचना सुधार के क्रम में वित्तीय सहायता देने के उददेश्य से कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसमें एक लाख करोड़ रूपये का भारत सरकार द्वारा कोष सृजित किया गया है। योजना में बैंकों से ऋण लेने पर राशि रूपये दो करोड़ तक योजना स्वीकृत होने पर तीन प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज की छूट हितग्राही को उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यशाला के द्वितीय चरण में अपने घर खलियान से अपनी कृषि उपज अपने दाम पर विक्रय करने की सुविधा, कृषि विक्रय में होने वाले खर्चों में कटौती, मंडी में होने वाली भीड़ से बचत आदि सुविधाओं के संबंध में एमपी फार्म गेट ऐप से संबंधित उपयोगिता किस तरह से उक्त ऐप को एंड्राइड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है तथा उक्त ऐप को किस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता हैॉ विषय पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रस्तुतीकरण श्री योगेश नागलेॉ सहायक संचालक मंडी बोर्ड द्वारा किया गया। कार्यशाला में बड़े स्तर पर विदिशा जिले की 07 मंडियों से आए हुए व्यापारियों तथा कृषकों द्वारा अपनी जिज्ञासा अनुरूप प्रश्न पूछे गए जिसका समाधान कारक उत्तर उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा दिया गया।
कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव के द्वारा एमपी फार्म गेट ऐप तथा एआईएफ योजना की उपयोगिता बतायी गई, जिसमें कृषकों को उनकी कृषि उपज का अधिकतम मूल्य एवं उनके रखरखाव के संबंध मे जानकारी दी गई तथा उपस्थित प्रतिभागियों से व्यक्तिगत रुप से चर्चा की, साथ ही इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने हेतु आव्हान किया गया।
कार्यशाला में महिला प्रतिभागियों द्वारा भी बहुतायत में हिस्सा लिया गया। विदिशा जिले एवं मध्य प्रदेश के अन्य भागों में उन्नत कृषि कृषकों द्वारा अपनाई गई है। पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से एआईएफ पर खुलकर उपयोगी चर्चा हुई जिसमें अवगत कराया गया कि उक्त योजना के तहत वेयरहाउस ,कोल्ड स्टोरेज, राइपिंग चेंबर, प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट, दाल मिल, फ्लोर मिल, आटा मिल, कस्टम हायरिंग सेंटर, मसाला उद्योग, बांस प्रोसेसिंग उद्योग इत्यादि में एआईएफ योजना का लाभ ले सकते हैं। एआईएफ पोर्टल का तकनीकी प्रशिक्षण भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिया गया। कार्यशाला में हितग्राहियों को हर संभव सहायता मुहैया कराना और इससे लाभान्वित होने का आव्हान किया। एआईएफ योजना में अभी तक विदिशा जिले में 233 आवेदनों में 200 करोड़ रूपये तथा प्रदेश में 5629 आवेदनों में 4293 करोड़ रूपये की राशि बैंको द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है जिससे मप्र देश में प्रथम स्थान पर हैं।
कार्यशाला में मंडी बोर्ड के अपर संचालक श्री चंद्रशेखर वशिष्ठ, उपसंचालक एआईएफ डॉ. पूजा सिंह, चीफ प्रोग्रामर श्री संदीप चौबे, सहायक संचालक श्री योगेश नागले, एनआईसी के एप डेवलपर मोहम्मद जाहिद, सहायक संचालक एआईएफ श्री गोविंद शर्मा, मंडी सचिव विदिशा श्री कमल कुमार बगवैया तथा बड़ी संख्या में कृषि विभाग, उद्यानिकी, नाबार्डॉ बैंक व मंडी समितियों के सचिव एवं कर्मचारी, मीडिया के साथी सहित किसान एवं व्यापारी प्रतिनिधि कार्यशाला में सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम के अंत में कृषि उपज मंडी समिति विदिशा के सचिव श्री कमल कुमार बगवाईया द्वारा उपस्थित समस्त अतिथियों, अधिकारियों, किसान एवं व्यापारी प्रतिनिधियों, मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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