UP पेमेंट लिमिट की सीमा होगी तय , रोज नहीं कर पाएंगे मनमाना भुगतान, पूरी खबर पढ़ें....

UP पेमेंट लिमिट की सीमा होगी तय , रोज नहीं कर पाएंगे मनमाना भुगतान Banks की यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिट तय
UPI पेमेंट लिमिट की सीमा होगी तय , रोज नहीं कर पाएंगे मनमाना भुगतान
Banks की यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिट तय

अक्टूबर में 12.11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन देश में यूपीआई के जरिए होने वाले लेन - देन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है । आंकड़ों को देखें तो यूपीआई से होने वाला लेन - देन अक्टूबर में 7.7 प्रतिशत बढ़कर 730 करोड़ हो गया । अक्टूबर में कुल 12.11 लाख करोड़ रुपए से अधिक का यूपीआई ट्रांजैक्शन हुआ । इससे पिछले महीने सितंबर में 11.16 लाख करोड़ रुपए के 678 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए थे । बैंक ने तय कर रखी है लिमिट हर बैंक यूपीआई ट्रांजैक्शन यानी पैसे भेजने और रिसीव करने की डेली लिमिट सेट करके रखता है । एसबीआई की लिमिट एक लाख रुपए है । जबकि आईसीआईसीआई बैंक की ट्रांजेक्शन की सीमा और डेली लिमिट 10,000-10,000 रुपए है ।

एजेंसी नई दिल्ली
दुनिया में सबसे अधिक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने वाले देश में भारत का नाम टॉप लिस्ट में आता है । आज के समय में हम सभी लोग यूपीआई के जरिए आसानी से पेमेंट का लाभ उठा रहे हैं , लेकिन • जल्द ही इसको लेकर एक नियम अलग खब जारी किया जाएगा । भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम तीसरे पक्ष ( टीपीएपी ) द्वारा चलायी जाने वाली यूपीआई भुगतान सेवा के लिए कुल लेनदेन की सीमा को 30 प्रतिशत तक सीमित करने के फैसले पर भारतीय रिजर्व बैंक केसाथ बातचीत कर रहा है । 


दरअसल, हर बैंक यूपीआई ट्रांजैक्शन यानी पैसे भेजने और रिसीव करने की एक डेली लिमिट सेट करके रखता है. देश के सबसे बड़े बैंक SBI की यूपीआई ट्रांजैक्शन लिमिट एक लाख रुपये है. आप रोजाना एक लाख रुपये का लेन-देन कर सकते हैं.भारत में अब आम आदमी से लेकर खास आदमी तक यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल हो रहा है । छोटे से बड़े व्यापारी इस सुविधा के चलते अपना बिजनेस चला रहे हैं । अब उन सभी लोगों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है ।


31 दिसंबर तक किया जा सकता है फैसला  

NPCI के इस फैसले से गूगल-पे (Google-Pay) और फोन-पे (Phone-Pay) जैसी कंपनियों के सामने समस्या खड़ी हो सकती है. फिलहाल, कोई लिमिट तय नहीं होने के कारण इस सेक्टर में दोनों कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है. एनपीसीआई ने इस फैसले को लागू करने के लिए 31 दिसंबर 2022 की तारीख तय की है. इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी एनपीसीआई सभी संभावनाओं का मूल्यांकन कर रहा है और डेडलाइन बढ़ाने का फैसला नहीं लिया गया है. हालांकि, इसे बढ़ाने के लिए इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स से कई अनुरोध मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. एक बैठक भी  बुलाई गई थी । इस बैठक में एनपीसीआई के अधिकारियों के अलावा वित्त मंत्रालय और आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया ।


एनसीपीआई अब यूपीआई पेमेंट लिमिट तय करने का बना रहा है प्लान वर्तमान में लेनदेन की कोई सीमा नहीं इस समय लेनदेन की कोई सीमा नहीं है । ऐसे में दो कंपनियों गूगल पे और फोनपे की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गई है । एनपीसीआई ने नवंबर 2022 में एकाधिकार के जोखिम से बचने को तीसरे पक्ष के ऐप प्रदाताओं ( टीपीएपी ) के लिए 30 प्रतिशत लेनदेन की सीमा तय करने का प्रस्ताव दिया था । इसी महीने हो सकता है फैसल एनपीसीआई इस महीने के अंत तक यूपीआई बाजार सीमा लागू करने के मुद्दे पर फैसला कर सकता है । सूत्रों के मुताबिक , एनपीसीआई फिलहाल सभी संभावनाओं का मूल्यांकन कर रहा है । हालांकि , एनपीसीआई को समय - सीमा बढ़ाने के लिए उद्योग के हितधारकों से अनुरोध मिले हैं और उनकी जांच हो रही है । ESS Payment Accepted Here




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