मुख्यमंत्री ने कहा- धन कमाना और टैक्स देना भी देश सेवा है ईमानदारी से धन कमाने में कोई बाधा नहीं आने देंगे :
मुख्यमंत्री रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सबसे अधिक टैक्स देने वालों को भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित करते हुए ।
● सबसे अधिक टैक्स देने वाले भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित
•सभी ज्यादा से ज्यादा उद्योगपतियों से निवेश करने का आभार
शपथ न्यूज़ भोपाल: कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन और दो गज की दूरी को बनाए रखने के लिए बंद किए गए वाणिज्यिक कर विभाग के प्रतिष्ठित भामाशाह पुरस्कार को प्रदेश सरकार ने दोबारा शुरू कर दिया है । गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रवीन्द्र भवन में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश के अलग - अलग श्रेणियों में सबसे अधिक टैक्स देने वाली कंपनियों , उद्योगपतियों , व्यवसायियों को भामाशाह पुरस्कार दिया गया है । वर्ष 2020-21 और 2021-22 के पांच श्रेणियों में पुरस्कार एक साथ दिए गए हैं । पुरस्कार की राशि 50 हजार से 10 लाख रुपए तक रखी गई है । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उद्योगपतियों व्यवसायियों से कहा कि आप सिर्फ करदाता नहीं हैं , मध्यप्रदेश के विकास के भागीदार भी हैं ।
छोटे टैक्स देयकों की एक और श्रेणी बनेगी और उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा मुख्यमंत्री
सीएम चौहान ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से छोटे टैक्स देयकों की एक और श्रेणी बनाकर उन्हें भी सम्मानित किया जाएगा । ज्ञात हो कि अभी तक डेढ़ करोड़ तक , डेढ़ करोड़ से 50 करोड़ , 50 करोड़ से 500 करोड़ और 500 करोड़ से अधिक की श्रेणियों में दो - दो पुरस्कार दिए जाते हैं । सरकारी विभाग , सार्वजनिक उपक्रम की अलग श्रेणी बनाकर पुरस्कार दिया जाता है । जिलों में हॉल बनाकर दें सरकार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष ने सुझाव दिया कि एमएसएमई के उद्योगों को बढ़ावा देने , युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए छोटे जिला मुख्यालयों और बड़े व विकसित जिलों के तहसील स्तर पर बड़े - बड़े हॉल बनाकर सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए लीज पर दे , ताकि स्टार्ट - अप रोजगार उद्योग ज्यादा से ज्यादा शुरू करने के प्रयास किया जा रहा है
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित भामाशाह सम्मान समारोह में नये पंजीयन करदाताओं के लिए वेलकम किट पुस्तिका का विमोचन और जी.एस.टी. करदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए व्हाट्सएप्प आधारित चैटबॉट MeGHA का लोकार्पण किया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 में जी.एस.टी. विधान अंतर्गत प्रदेश में अधिकतम कर जमा करने वाले व्यवसायियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा जी एवं अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि तथा व्यवसायी उपस्थित थे। भामाशाह जी हमारे आदर्श हैं कि हम कमाएंगे तो अपने लिए नहीं कमाएंगे। उसमें देश का, समाज का और गरीबों के कल्याण का भी हिस्सा शामिल होगा। भामाशाह जी केवल एक व्यक्ति नहीं हैं, वह हमारे जीवन मूल्य हैं। अपने जीवन भर की कमाई मातृभूमि की रक्षा के लिए, मेवाड़ के स्वाभिमान के लिए उन्होंने महाराणा प्रताप को समर्पित कर दी थी।
शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा का चारों का समुच्चय है। इसलिए अपने यहां धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की व्यवस्था बनाई गई। इसलिए भारतीय संस्कृति में अर्थ को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। बुभुक्षितः किम न करोति पापं। बिना अर्थ के अनर्थ होता है। हमारी संस्कृति में हमारी परंपरा में धन कमाने को हमेशा पवित्र उद्देश्य माना गया। वयस्क का परम कर्तव्य है कि वह धन कमाए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा कि अर्थ चाहिए व्यक्ति को भी और राष्ट्र के निर्माण के लिए भी। इसलिए अर्थ आवश्यक है। अर्थ का अभाव, विनाशकारी है। अर्थ का प्रभाव भी बुरा है। अर्थ कमाना है, लेकिन धर्म के साथ। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ायें, सब अर्थ का उपार्जन भी करें, ईमानदारी से टैक्स भी चुकायें और अपने प्रदेश एवं देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
ईमानदारी से धन कमाने में हम कोई बाधा नहीं आने देंगे और यदि कोई बाधा आई तो उसे दूर करने का हम प्रयास करेंगे। आप खूब मेहनत करें, धन कमायें। धन कमाना भी देश की सेवा है। कमाये हुए धन का टैक्स ईमानदारी से दें, तो इससे बड़ी सेवा देश की कुछ और हो ही नहीं सकती है। मैं सभी टैक्सपेयर्स का हृदय से अभिनंदन करता हूं। आइये,मिलकर एक विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनायें।








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