मालिक की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं, करीब 3 लाख रुपए का माल जब्त; व्यापारी को हो सकती है सजा और 10 लाख रुपए तक जुर्माना
भोपाल। प्रदेश में प्रतिबंध के बावजूद एनालॉग पनीर की आपूर्ति का मामला सामने आया है। मुरैना से ट्रेन के जरिए भोपाल लाया गया 705 किलो पनीर खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में एनालॉग पाया गया है। विभाग ने भोपाल रेलवे स्टेशन के बाहर कार्रवाई करते हुए करीब 3 लाख रुपए कीमत का पनीर जब्त किया था। इसके बाद जांच के लिए भेजे गए सभी पांच नमूने फेल हो गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पनीर के एनालॉग होने की आशंका पर पांच नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए थे। प्रयोगशाला की जांच में सभी नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। अब इस मामले को न्यायालय में पेश करने की तैयारी है। संबंधित व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रावधानों के तहत दोष सिद्ध होने पर सजा के साथ 10 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
सामान्य पनीर दूध को फाड़कर तैयार किया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में दूध के फैट की जगह पाम ऑयल या दूसरे वनस्पति तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें स्टार्च और सोया प्रोटीन जैसे तत्व भी मिलाए जा सकते हैं। कम लागत में तैयार होने के कारण इसकी आपूर्ति होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड कारोबार तक होने की आशंका रहती है।
मालिक कौन, अब भी सवाल
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल पनीर के वास्तविक मालिक और सप्लाई नेटवर्क को लेकर है। 705 किलो पनीर कहां से तैयार हुआ और इसकी आपूर्ति किन कारोबारियों तक की जानी थी, इसकी जानकारी जांच के दायरे में है। अब न्यायालयीन कार्रवाई के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच से इस नेटवर्क के बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




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