रायसेन। रायसेन जिले के एक शिशु गृह में तीन बच्चों के दस्तावेजों में धर्म व नाम परिवर्तन कराने का मामला उजागर होने के बाद भी प्रशासन सक्रिय नजर नहीं आ रहा है । मामले में आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों और पुलिस को लिखित आदेश का इंतजार है । ऐसे में अब तक न तो मामले की जांच शुरू हो पाई है और न ही कार्रवाई की दिशा तय हुई है ।
हालांकि राष्ट्रीय बाल आयोग के संपर्क में पिता आ गया है । पिता ने मामले में आरोप लगाए हैं कि वह अपने बच्चों को लेने के लिए कई बार गया , लेकिन उसे बच्चे वापस नहीं किए गए । प्राप्त जानकारी के अनुसार , तीनों बच्चे भाई - बहन हैं । आपसी विवाद के बाद मां और पिता साथ नहीं रहते । मां बच्चों को लेकर भोपाल चली आई थी और पिता मंडीदीप में किसी फैक्ट्री में नौकरी करने लगा था । कोविड के दौरान बच्चे मां से बिछुड़ गए थे । इस दौरान भोपाल की एक संस्था को बच्चे लावारिस नजर आए । उन्होंने बच्चों को बाल कल्याण समिति भोपाल के सामने पेश किया ।
मामला रायसेन जिले का था , इसलिए बाल कल्याण समिति भोपाल ने यह केस रायसेन बाल कल्याण समिति के पास ट्रांसफर कर दिया । बाल कल्याण समिति रायसेन ने परिजन के मिलने तक इन बच्चों को गौहरगंज स्थित शिशु गृह के लिए हवाले किया था । मामले का खुलासा दरअसल , शिशु गृह के निरीक्षण के बाद राष्ट्रीय बाल आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने शिशु गृह से दस्तावेज जब्त करने और आगे की कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए थे । इस निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद लॉकडाउन के पहले माता - पिता से बिछडे थे बच्चे तब हुआ , जब बच्चों का धर्म बदलवाने की शिकायत राष्ट्रीय • बाल आयोग के निर्देश मिले है , उसमें एक रिपोर्ट आनी है ।
यह रिपोर्ट महिला बाल विकास विभाग और सीडब्ल्यूसी के माध्यम से आएगी । रिपोर्ट मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी । विकास सहवाल , पुलिस अधीक्षक , रायसेन थे । मामले में जहां पुलिस का कहना है कि बाल कल्याण समिति से रिपोर्ट ( सीडब्ल्यूसी ) मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी । वहीं बाल कल्याण समिति को पता ही नहीं है कि उन्हें मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजनी है । इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी राष्ट्रीय बाल आयोग व प्रशासन से आगे की कार्रवाई करने के लिए लिखित आदेश का इंतजार कर रहे हैं । नतीजन निरीक्षण के दौरान यह मामला सुर्खियों में तो रहा , लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक कुछ नहीं हो सका है । बाल आयोग तक पहुंची और आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो इस शिशु गृह का निरीक्षण किया । निरीक्षण में सामने आया कि तीनों बच्चे बीते 3 साल से गौहरगंज में सरकारी अनुदान पर चलने वाले शिशु गृह में रह रहे हैं । बच्चे हिंदू हैं और पिछड़ा वर्ग से हैं । इनकी उम्र 4 , 6 और 8 साल है । इनमें दो बहन और एक भाई है । बच्चों ने बताया कि पहले उनके नाम दूसरे थे , अब यहां के टीचर ने उनके दूसरे नाम रख दिए हैं ।
आधार कार्ड में बच्चों के माता - पिता के बजाय केयरटेकर के रूप में शिशु गृह के संचालक हसीन परवेज का नाम दर्ज है । जिम्मेदारों का कहना निरीक्षण कल शाम को हुआ है अब सोमवार को प्रशासन व आयोग से जैसे भी निर्देश मिलेंगे , कार्रवाई की जाएगी । दीपक संकट जिला कार्यक्रम अधिकारी , महिला एवं बाल विकास विभाग , रायसेन मैं फिलहाल बाहर हूं । इस प्रकरण की पूरी जानकारी है मुझे , यह मामला बहुत गंभीर है । हालाकि यह जानकारी आपसे अब मिल रही है कि मुझे रिपोर्ट सौंपनी है । हम इसकी गंभीरता से जांच करेंगे । अध्यक्ष बाल कल्याण समिति , रायसेन





0 टिप्पणियाँ