
ग्वालियर/ ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर से लोकसभा के चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं? भाजपा में ग्वालियर-चंबल संभाग में सिंधिया अपनी लकीर बड़ी करने का कोई मौका अब गंवाना नहीं चाहते? ऐसे कई सवाल हैं, जो राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ग्वालियर दौरे से जोड़कर चर्चाओं के केंद्र में हैं। शाह 16 अक्टूबर को ग्वालियर में अत्याधुनिक विमानतल का शिलान्यास करेंगे। इसका नामकरण राजमाता विजयाराजे सिंधिया के नाम पर होगा। शाह इस मौके पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके गढ़ में पहली बार वृहद स्तर पर कोई आयोजन हो रहा है। ग्वालियर को शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं, व्यापार, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सौगातें मिलने से जुड़े कार्यक्रमों में सिंधिया की प्रभावी मौजूदगी रहती है, वहीं विमानतल के शिलान्यास जैसा व्यापक आयोजन इस क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है, जिसमें सत्ता और संगठन ने तय किया है कि आम लोगों को भी जोड़ा जाएगा। जनता को बताया जाएगा कि देश-प्रदेश के साथ ही भाजपा की डबल इंजन सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए कितना कुछ काम कर रही है। उपलब्धियां गिनाने के अवसर को अपने पक्ष में करने के लिए सिंधिया समर्थक अभी से सक्रिय हैं और आयोजन की सफलता के लिए हर पहलू पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
आयोजन की भव्यता और सिंधिया के शक्ति प्रदर्शन की बड़ी वजह बीते दिनों हुए निकाय चुनाव भी हैं, जिसमें ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा को बड़ा झटका लगा। पार्टी के सामने अपनी जमीन बचाने की चुनौती है, तो सिंधिया के सामने 2024 में ग्वालियर से लोकसभा चुनाव का अवसर।
ग्वालियर में शाह का दौरा वैसे तो सरकारी है, लेकिन जनसभा कर उपलब्धियों का खाका जनता के सामने रखा जाएगा। खास बात यह है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में एक महीने के भीतर यह दूसरा बड़ा कार्यक्रम है। इससे पहले 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कूनो राष्ट्रीय उद्यान आए थे। जाहिर है कि ऐसे में ग्वालियर-चंबल अंचल का सियासी महत्व बढ़ रहा है। ऐसे में सिंधिया अपनी दावेदारी मजबूत करने और 2024 में ग्वालियर से ही लोकसभा पहुंचने की तैयारियों को तेज कर रहे हैं।




0 टिप्पणियाँ