हमें ऐसी विनाशकारी शक्तियों को रोक कर हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोना है जिला बौद्धिक प्रमुख जितेंद्र

                                              

आनंदपुर संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने जब अपने जीवन काल में यह देखा कि हिंदू समाज बहुत सारी जातियों में , भाषाओं में, रहन-सहन और  खान-पान में बटा हुआ है उसको संगठित करने के लिए संघ की स्थापना का विचार उनके मन में आया । डॉक्टर साहब ने 1925 में विजयादशमी के दिन ही संघ की स्थापना की और संघ की स्थापना के साथ ही संपूर्ण हिंदू समाज को जोड़ने का काम किया और आपसी भेदों को मिटाकर समाज में समरसता आयें इस हेतू कार्य प्रारंभ किया । आगामी वर्षों में संघ की आयु सौ वर्ष पूर्ण होने जा रहा है संघ के शताब्दी वर्ष मे   हमें संघ को गावों तक लेकर जाना हैं , और संघ के स्वयंसेवकों का विस्तार करना हैं । वर्तमान में कुछ विधर्मी लोग हिंदू समाज के लोगों को बांटकर अपनी राजनीति चलाना चाह रहे हैं हमें ऐसी विनाशकारी शक्तियों को रोक कर हिंदू समाज को एक सूत्र में पिरोना है जिससे कि यह भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन हो सके ।
 यह विचार पथसंचलन आनंदपुर के कार्यक्रम में संघ के जिला बौद्धिक प्रमुख जितेंद्र जी ने कहीं ।  बौद्धिक के बाद संघ के स्वयंसेवक घोष की ताल पर कदमताल करते हुए कस्बे के मुख्य मुख्य मार्गो से होते हुए पुनः प्रारंभिक स्थान जहां से संचलन प्रारंभ हुआ था  हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में पहुंच कर समापन हुआ ।  संचलन मे खंड कार्यवाह सुरेंद्र जी , उपखण्ड कार्यवाह प्रदीप जी  सहित सभी पदाधिकारी और स्वयंसेवक उपस्थित रहें ।

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