भोपाल/मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उमा भारती के बयान ने हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक जीवन है, तब तक वह सक्रिय राजनीति में बनी रहेंगी और समाज की सेवा करती रहेंगी।
टीकमगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, जो वीरांगना अवंती बाई लोधी के बलिदान दिवस पर रखा गया था, उमा भारती मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत वीरांगना को श्रद्धांजलि देकर की गई, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं, स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में उमा भारती ने कहा कि अवंती बाई का जीवन साहस और देशभक्ति का प्रतीक है, और उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा देते हैं। उन्होंने भावुक होकर अपना संकल्प दोहराया कि वह अंतिम समय तक राजनीति और जनसेवा से जुड़ी रहेंगी।
उन्होंने छात्राओं और युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान पर जोर दिया। उनका कहना था कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना समाज का पूर्ण विकास संभव नहीं है। साथ ही युवाओं से उन्होंने देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
उमा भारती ने अपने स्वास्थ्य का भी जिक्र किया और बताया कि कुछ समय से वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं, फिर भी जनता के बीच रहकर काम करना चाहती हैं। उन्होंने लोगों से समर्थन और आशीर्वाद मांगा और कहा कि जनता का साथ उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है।
उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि जब तक वह सुन, देख और बोल सकती हैं, तब तक पूरी ऊर्जा के साथ लोगों के लिए काम करती रहेंगी।




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