आनंदपुर । ग्राम में पागल कुत्तों के आतंक से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार उन्हें मार दिया। बताया जा रहा है कि उक्त पागल कुत्तों ने पहले कई ग्रामीणों, गायों तथा तीन भैंसों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि पागल कुत्तों द्वारा लगातार हो रहे हमलों से जान-माल का खतरा बढ़ता जा रहा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मजबूरन ग्रामीणों ने कुत्तों को मार दिया। हालांकि, इसके बाद मृत कुत्तों को सड़क किनारे फेंक दिए जाने की जानकारी सामने आई, जिसे लेकर अब स्वास्थ्य को लेकर नई चिंता खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि पागल या रेबीज संक्रमित जानवरों को सड़क किनारे फेंकना बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे रेबीज संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए ग्राम पंचायत से मांग की गई है कि मृत संक्रमित जानवरों को बस्ती से बाहर गहरा गड्ढा खोदकर सुरक्षित तरीके से दफनाया जाए।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जिन गायों, भैंसों एवं कुत्तों को काटा गया है, उन्हें तत्काल रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाएं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
पंचायत के माध्यम से मृत पागल कुत्तों को गड्ढा खोदकर दफनाए जाने की औपचारिक मांग की गई है। इस संबंध में पंचायत सचिव ने बताया कि मृत कुत्तों को नियमानुसार गड्ढा खोदकर दफनाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का स्वास्थ्य जोखिम न रहे।
उल्लेखनीय है कि इन्हीं पागल कुत्तों ने इससे पहले कई ग्रामीणों और तीन भैंसों को निशाना बनाया था, जिसके बाद गांव में भय का माहौल बन गया और ग्रामीणों को यह कठोर कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में आवारा एवं पागल कुत्तों की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




0 टिप्पणियाँ