आनंदपुर, रविवार। विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में रविवार को आनंदपुर देशभक्ति और संगठन की भावना से सराबोर रहा। नगर की सड़कों पर पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित स्वयंसेवकों का अनुशासित पथ संचलन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सुबह से ही शहर का वातावरण विशेष बना रहा। पीएम श्री विद्यालय परिसर से प्रारंभ हुआ यह संचलन मुख्य बाजार सहित नगर के प्रमुख मार्गों से गुज़रा। आगे-आगे संघ की थाप पर कदमताल करते स्वयंसेवक और पीछे-पीछे देशभक्ति के नारे लगाते नागरिक — यह दृश्य पूरे नगर को एक नई ऊर्जा से भर रहा था। जगह-जगह नगरवासियों ने फूल वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत संघ के विभाग प्रचारक प्रमुख शरद श्रीवास्तव के बौद्धिक से हुई। उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा,
> “संघ ने अपने शताब्दी वर्ष तक के इस सफर में अनेक कठिनाइयों का सामना किया है, लेकिन अपने सिद्धांतों और राष्ट्रनिष्ठा से कभी विचलित नहीं हुआ। संघ ने देश में संगठन, अनुशासन और एकता की भावना को मजबूत किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि स्वयंसेवक श्रीराम की मर्यादा और श्रीकृष्ण की नीति — दोनों को अपने जीवन में अपनाते हैं। “हमें समाज में व्याप्त कट्टरता और विभाजनकारी सोच का मुकाबला करते हुए हर घर में एक संघ स्वयंसेवक तैयार करना है,” उन्होंने कहा।
बौद्धिक सत्र के बाद संघ प्रार्थना के साथ पथ संचलन आरंभ हुआ। डोल-नगाड़ों की थाप पर जब स्वयंसेवक अनुशासित पंक्तियों में आगे बढ़े, तो पूरा आनंदपुर “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर देवेंद्र गुप्ता (खंड संचालक), संजय चौरसिया (खंड सह संघ चालक), हरिनारायण अहिरवार (जिला कार्यवाह), आशीष शर्मा (भाजपा मंडल अध्यक्ष) सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विजयादशमी पर आयोजित यह पथ संचलन केवल संघ के सौ वर्ष पूरे होने का उत्सव नहीं था, बल्कि यह उस विचार और अनुशासन का प्रतीक भी बना जिसने पूरे नगर को राष्ट्रप्रेम की भावना से एक सूत्र में बांध दिया।




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