शुभम सोनी विदिशा । डिजिटल रिश्तों का दौर है जनाब! अब दिल की डोर फेसबुक या इंस्टाग्राम से नहीं, स्नैपचैट स्ट्रीक से जुड़ती है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है त्रिपुरा से, जहां एक महिला ने ऑनलाइन प्यार के लिए पुरानी जिंदगी को अलविदा कह दिया और दो बच्चों के साथ पहुंच गई मध्य प्रदेश।
करीब डेढ़ साल से स्नैपचैट पर चल रही थी चैटिंग, और कब ‘हाय-हैलो’ प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला। पैसा नहीं था तो सोने की चेन बेच दी, अगरतला से फ्लाइट पकड़ी, फिर कोलकाता से भोपाल और आखिर में विदिशा पहुंचकर आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली प्रदीप नाम के युवक से।
महिला ने साफ कहा, "अब पहले पति के साथ नहीं रहना, मैं अपनी मर्जी से आई हूं और प्रदीप के साथ नई जिंदगी शुरू करना चाहती हूं।"
त्रिपुरा पुलिस ने जब महिला के पहले पति की FIR के आधार पर पूछताछ की तो जवाब मिला – "मैं मजबूरी में नहीं, मोहब्बत में आई हूं।"
प्रदीप भी पीछे नहीं रहा। बोला – “स्नैपचैट से बात शुरू हुई थी, अब शादी कर ली है। महिला के दोनों बच्चों को अपनाया, लेकिन बड़ी बेटी को उसका पहला पति वापस ले गया। दो साल का बेटा हमारे साथ रहेगा।”
सवाल ये नहीं कि प्यार ऑनलाइन हुआ… सवाल ये है कि क्या अब रिश्तों की डोर इतनी आसान हो गई है कि एक क्लिक पर जिंदगी की दिशा बदल जाती है?
त्रिपुरा से विदिशा तक ये प्रेम कहानी जितनी फिल्मी है, उतनी ही तीखी भी।
आप क्या सोचते हैं – प्यार की जीत हुई या रिश्तों की हार?




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