EWS Reservation- जारी रहेगा सुप्रीम कोर्ट
- गरीब सवर्णों को मिलने वाले EWS आरक्षण पर सुप्रीम का फैसला बरकरार
- सुप्रीम कोर्ट ने दे दी EWS कोटे को हरी झंडी
- जारी रहेगा EWS कोटा, सुप्रीम कोर्ट ने 3:2 से सुनाया फैसला
जस्टिस दिनेश माहेश्वरी आरक्षण सकारात्मक काम करने का एक जरिया है , ताकि समतावादी समाज के लक्ष्य की ओर एक सर्व समावेशी तरीके से आगे बढ़ना सुनिश्चित किया जा सके । यह किसी वंचित वर्ग या समूह की समावेशिता का एक साधन है । 103 वें संविधान संशोधन को भेदभाव के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता । इसे सकारात्मक रूप से देखना चाहिए ।
जस्टिस बेला त्रिवेदी मैं इस मामले को लेकर जस्टिस दिनेश माहेश्वरी से सहमत हूं और यह मानती हूं कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं है और न ही यह किसी तरह का पक्षपात है । इस बदलाव को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मदद पहुंचाने के तौर पर ही देखा जाना चाहिए । इसे किसी भी तरह अनुचित नहीं कहा जा सकता है ।
जस्टिस पारदीवाला मैं जस्टिस माहेश्वरी और जस्टिस बेला त्रिवेदी से सहमत हूं , लेकिन कहना चाहता हूं कि आरक्षण का अंत नहीं है । इसे अनंतकाल तक जारी नहीं रहना चाहिए , वर्ना यह निजी स्वार्थ में तब्दील हो जाएगा । आरक्षण सामाजिक और आर्थिक असमानता खत्म करने के लिए है । यह अभियान 7 दशक पहले शुरू हुआ था । शिक्षा और विकास ने इसे कम किया है ।
आरक्षण से असहमत दो जजों ने कही ये बात ...
जस्टिस रवींद्र भट आर्थिक रूप से कमजोर और गरीबों को सरकार आरक्षण दे सकती है । आर्थिक आधार पर आरक्षण अवैध नहीं है , लेकिन इसमें से एससी - एसटी और ओबीसी को बाहर करना असंवैधानिक है । भाईचारे का मकसद समाज के हर सदस्य की चेतना को जगाना है । ऐसी प्रगति बंटवारे से नहीं , बल्कि एकता से हासिल की जा सकती है । ये समानता की भावना को खत्म हर आरक्षण को गलत ठहराता हूं ।
सीजेआई यूयू ललित मैं जस्टिस रवींद्र भट के विचारों से पूरी तरह से सहमत हूं । 50 % की सीमा से छेड़छाड़ नहीं 10 % आरक्षण अलग से दिया केंद्र ने दलील दी थी कि आरक्षण की 50 फीसदी सीमा के साथ
किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है । 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने ही फैसला दिया था कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए , ताकि बाकी 50 फीसदी जगह सामान्य वर्ग के लिए रहे । चूंकि सोमवार का यह फैसला सामान्य वर्ग के लिए है , ऐसे में आरक्षण का दायरा 60 फीसदी हो गया है । पूर्व सांसद उदित राज समेत कई लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर सवाल भी उठाए हैं | फैसला | पक्ष/विरोध |
| चीफ जस्टिस यूयू ललित | विरोध में |
| जस्टिस रवींद्र भट | विरोध में |
| जस्टिस जेबी पारदीवाला | पक्ष में |
| जस्टिस बेला त्रिवेदी | पक्ष में |
| जस्टिस दिनेश माहेश्वरी | पक्ष में |









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