EOW में पोस्टिंग नहीं होने से भ्रष्टाचारियों की जांच पर असर



भ्रष्टाचारियों की जांच पर असर : एडिशनल एसपी , इंस्पेक्टर और सब - इंस्पेक्टर के ट्रांसफर के बाद नहीं हुई ईओडब्ल्यू में पोस्टिंग !


गृह विभाग ने पोस्टिंग पर फंसाया पेच , स्पेशल डीजी ने स्टाफ की कमी के बारे में डीजीपी को भेजी रिपोर्ट 

शपथ न्यूज़ भोपाल | मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाली एजेंसी में इन दिनों अफसरों का टोटा बना हुआ है । ईओडब्ल्यू में दर्जन भर से अधिक अधिकारियों के ट्रांसफर करने के बाद पोस्टिंग नहीं हो पाई है , जिसकी वजह से शिकायत की जांच पड़ताल में असर पड़ रहा है । खासबात है कि गृह विभाग ने अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया , लेकिन पोस्टिंग पर पेंच फसा हुआ है । यही वजह है कि ईओडब्ल्यू के स्पेशल डीजी को हस्तक्षेप करना पड़ा है । जांच एजेंसी में स्टाफ की उन्होंने कमी को लेकर डीजीपी को रिपोर्ट भेजी है ।
सीएम शिवराज ने जल्द से जल्द  भ्रष्टाचारियों पर एफआईआर , करने के निर्देश दिए थे 
लेकिन जांच पड़ताल करने वालों का ही है संकट


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ईओडब्ल्यू के पास खुद का कैडर नहीं अधिकारियों का कहना है कि ईओडब्ल्यू ने पास खुद का कैडर नहीं है । सभी अधिकारी और कर्मचारी पुलिस विभाग से ईओडब्ल्यू में पदस्थ किए जाते हैं । ईओडब्ल्यू के पास ट्रांसफर व पोस्टिंग का अधिकार भी नहीं है । जिसके चलते प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर नहीं है । राज्य सरकार और गृह विभाग को ईओडब्ल्यू में भर्ती व कैडर सिस्टम लागू करने की जरूरत है । यही व्यवस्था लोकायुक्त में भी बनी हुई है । जिसके चलते जांच भी प्रभावित होती है । स्थिति यह है कि शिकायतों का ग्राफ बढ़ रहा है , लेकिन जांच की रफ्तार धीमी है । इसी के चलते ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त में पेंडेसी भी बढ़ रही है ।
गृह विभाग ने पिछले माह ही किए थे ट्रांसफर 

गृह विभाग ने बीते महीने सालों से ईओडब्ल्यू में जमे अधिकारियों का ट्रांसफर कर पीएचक्यू में अटैच कर दिया था । 8 एडिशनल एसपी , 6 इंस्पेक्टर सहित 8 सब इंस्पेक्टर को हटा दिया था , जिसके बाद नई पोस्टिंग नहीं हुई है । मजे की बात है कि पिछले महीने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस अफसरों की हाईलेवल बैठक बुलाई थी । उन्होंने निर्देश दिए थे कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए । सीएम ने निर्देश के बाद ईओडब्ल्यू का एक्शन देखने के लिए तो नहीं मिला , लेकिन गृह विभाग ने अफसरों का ट्रांसफर किया । अब मुसीबत है कि हर महीने मुख्यालय में करीब 600 से अधिक शिकायत पहुंचती है , जिनकी जां और फिर कार्रवाई करने के लिए अफसरों का टोटा हो गया है । 

नाम भेजे ,पर अब तक नहीं हुआ फैसला

ईओडब्ल्यू ने अधिकारियों के तबादले के बाद उनके एवज में डीएसपी - इंस्पेक्टर की पदस्थापना के लिए नाम भेजे थे । इनके रिकॉर्ड के आधार पर राज्य शासन को नाम भेजे गए , लेकिन करीब तीन सप्ताह बाद भी कोई फैसला नहीं हो सका है । पदस्थापना के लिए नामों की छंटनी हो चुकी है , लेकिन फाइल पीएचक्यू- गृह विभाग के बीच चक्कर काट रही है । इस बारे में ईओडब्ल्यू डीजी अजय शर्मा का कहना है कि जल्द ही पदस्थापना हो जाएगी । वे कहते हैं कि ईओडब्ल्यू में अच्छे रिकॉर्ड के अधिकारियों की पदस्थापना होना है ।



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