भोपाल। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राजधानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों से लिए गए देशी घी के नमूने जांच में तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। इनमें गोवर्धन प्योर काउ घी, द्वारकेश और धौलपुर फ्रेश प्रीमियम क्वालिटी देसी घी के नमूने शामिल हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने इन मामलों में करीब 25 लाख रुपये का माल सीज किया है।
द्वारकेश घी में मिला बीटा-सिटोस्टेराल
जांच के दौरान द्वारकेश घी के नमूने में बीटा-सिटोस्टेराल की मात्रा 2.38 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम पाई गई। अधिकारियों के अनुसार शुद्ध घी में इसकी मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। इसकी उपस्थिति वनस्पति तेल या वनस्पति वसा की मिलावट का संकेत मानी जाती है। इसके अलावा बीआर रीडिंग, पोलेंस्के वैल्यू, आयोडीन वैल्यू और सैपोनिफिकेशन वैल्यू भी निर्धारित मानकों से अलग मिली हैं।
गोवर्धन घी में सीसा मिलने से बढ़ी चिंता
गोवर्धन प्योर काउ घी के नमूने में सीसा (लेड) की मात्रा भी सामने आई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है। वहीं धौलपुर फ्रेश प्रीमियम क्वालिटी देसी घी का नमूना भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
मंगलवारा-जुमेराती में बड़ी कार्रवाई, 7.05 लाख का माल जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवारा-जुमेराती स्थित शीतला पूजा भंडार पर कार्रवाई करते हुए अरिहंत और मक्खन श्री ब्रांड के घी का बड़ा स्टॉक जब्त किया। अधिकारियों ने नियमानुसार नमूने लेने के बाद अरिहंत घी के 15 किलोग्राम क्षमता वाले 33 टीन जब्त किए। इनका कुल वजन करीब 494 किलोग्राम और अनुमानित कीमत 3 लाख 95 हजार 200 रुपये बताई गई है।
इसी तरह मक्खन श्री घी के 60 टीन जब्त कर जांच के लिए चार नमूने लिए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 7 लाख 5 हजार 200 रुपये कीमत की सामग्री जब्त की गई। सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
गोदामों से भी माल उठाने की कार्रवाई
फूड एंड ड्रग प्रभारी शिवराज पावक के अनुसार, जांच में घी के नमूनों में गंभीर अमानक तत्व सामने आए हैं। संबंधित माल को सीज करने के साथ प्रदेश में मौजूद संबंधित कंपनियों के गोदामों से भी माल उठवाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रयोगशाला जांच में हानिकारक तत्वों की पुष्टि होने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक, अरुणेश पटेल, पंकज श्रीवास्तव, साधना सक्सेना और वर्षा व्यास की टीम ने की। विभाग के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




0 टिप्पणियाँ