विदिशा। विधानसभा चुनाव के लिए नौ माह पूर्व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बनाए गए राकेश कटारे का कांग्रेस से मोहभंग हो गया। उन्होंने सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और न्यू ज्वाइनिंग कमेटी के संयोजक व पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। लोकसभा चुनाव के पहले इसे कांग्रेस के लिए- बड़ा झटका माना जा रहा है।
मालूम हो, पिछले साल कांग्रेस जिला अध्यक्ष कमल सिलाकारी द्वारा अचानक अपने पद से इस्तीफा देने के बाद 26 मई को तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने गुलाबगंज के कांग्रेस नेता बाकेश कटारे को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। राकेश के नेतृत्व में ही जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर विधानसभा का चुनाव लड़ा गया था और पांचों सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। कटारे के गृह क्षेत्र गुलाबगंज में भी कांग्रेस को करारी हार मिली थी। राकेश कटारे भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रहे मनोज कटारे के भाई भी है, इसलिए पूर्व से ही उनके भाजपा नेताओं से भी संबंध अच्छे रहे है।
कांग्रेस के लिए इसलिए है झटकाः लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के जिला अध्यक्ष के विपक्षी पार्टी में शामिल होने से जहां जिले के काग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरेगा वहीं गुलाबगंज और ग्यारसपुर क्षेत्र में कद्दावर नेता की कमी महसूस होगी। सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए उन्हें भाजपा में लाया गया है,
इसमें भाजपा के ही एक ब्राह्मण नेता की बड़ी भूमिका रही है। इस घटनाक्रम से कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में भी नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अरुण अवस्थी का कहना है कि राकेश कटारे के भाजपा जाने से कांग्रेस मजबूत होगी
उनका कहना था कि गुलाबगंज क्षेत्र में कमजोर हो रही कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता और ताकत से लड़ेगा और लोस चुनाव में गुलाबगंज के सारे मतदान केंद्रों पर इस बार जीत हासिल करेंगे।
राकेश बोले, अंतरात्मा की आवाज पर लिया फैसला
भाजपा में शामिल होने के बाद राकेश कटारे ने नवदुनिया से बातचीत में कहा कि वे 35 वर्षों तक कांग्रेस से जुड़े रहे लेकिन अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के आमंत्रण को ठुकराने के फैसले ने उन्हें पार्टी छोड़ने पर मजबूर कर
दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। उनका पूरा खानदान भगवान राम का आराध्य रहा है और वे ऐसी पार्टी में नहीं रह सकते, जिसकी भगवान राम में आस्था न हो। उन्होंने सोमवार सुबह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजे इस्तीफे में भी यही बात लिखी है। कटारे ने बताया कि इस्तीफा देने के बाद प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने उन्हें निष्क्रिय बताते हुए जिला अध्यक्ष पद से हटाने का पत्र जारी किया है, जो कि पूर्णतः गलत है।
पत्नी रह चुकी है जनपद अध्यक्ष
गुलाबगंज क्षेत्र के कद्दावर नेता राकेश कटारे ने राजनीति की शुरुआत युवा कांग्रेस से की थी। वे 21 वर्ष की उम्र में अपने क्षेत्र की पंचायत के सरपंच भी रहे है। वहीं उनकी पत्नी ममता कटारे भी ग्यारसपुर जनपद पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी है। पिछले वर्ष हुए जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में उनकी पत्नी भी कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थी.




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