सिंधिया समर्थक जजपाल जज्जी का जाति प्रमाण पत्र हाईकोर्ट ने किया निरस्त ,क्या चली जाएगी विधायकी ?
ग्वालियर मध्य प्रदेश | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अशोकनगर से भाजपा विधायक जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को यह आदेश दिया कि जजपाल सिंह जज्जी के फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में केस दर्ज किया जाए। बता दें कि याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में यह तर्क दिया गया कि जज्जी ने पंजाब में कीर जाति का जाति प्रमाण पत्र बनवाया था। पंजाब में कीर जाति को अनुसूचित जाति का आरक्षण मिलेगा, लेकिन मध्य प्रदेश में नहीं।
पिछले 1 सप्ताह पहले ही बीजेपी के विधायक की हाई कोर्ट जबलपुर ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए विधायकी शून्य कर दी थी दरअसल मामला था नामांकन के दौरान जानकारी छुपाना जिसे जबलपुर हाईकोर्ट ने शून्य माना और फैसला सुनाया अब एक बार फिर कांग्रेस छोड़कर ज्योतिराज सिंधिया के साथ बीजेपी में आए अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी की विधायक पद की सदस्यता समाप्त की कगार पर है
दरअसल ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने जज्जी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है । साथ ही कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक अशोकनगर को आदेश दिया है कि जज्जी के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने के मामले में केस दर्ज किया जाए । कोर्ट ने विधानसभा को आदेश दिया है कि इनकी सदस्यता समाप्त की जाए । साथ ही जज्जी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है । जज्जी ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कीर समाज का जाति प्रमाण पत्र बनवाकर अनुसूचित जाति के आरक्षण का लाभ लिया था । इस जाति को पंजाब में आरक्षण प्राप्त है लेकिन मध्य प्रदेश में आरक्षण नहीं दिया जाता है ।
अशोकनगर से चुने गए थे विधायक सिंधिया के साथ पार्टी बदली और फिर बने बीजेपी से विधायक,
अशोकनगर से विधायक जजपाल सिंह जज्जी वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और जीत गए । यहां भाजपा के लड्डू राम कोरी चुनाव हारे गए थे । चुनाव हारने के बाद लड्डू राम कोरी ने हाई कोर्ट में जज्जी के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ याचिका दायर करने के साथ चुनाव याचिका भी दायर की । इस बीच जज्जी ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ा और जीत कर भाजपा से विधायक निर्वाचित हुए । हाई कोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र को लेकर दायर याचिका की पहले सुनवाई की । विधायक जज्जी ने एक दैनिक समाचार पत्र से चर्चा में स्वीकार किया कि कोर्ट ने उन्हें सोमवार को दिए फैसले में जाति प्रमाण पत्र के आधार पर विधायक पद से हटा दिया है और विधानसभा को कार्यवाही के लिए आदेश दिया है । वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे । एक माह में तीसरे विधायक के खिलाफ कार्रवाई एक माह में जज्जी तीसरे विधायक हैं जो कोर्ट के फैसले के फेर में फंसे हैं । इसके पहले कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह और भाजपा विधायक राहुल लोधी को भी कोर्ट से सजा मिलने पर उनकी विधानसभा सदस्यता को लेकर अब नए-नए मामले पर बातें आम हो रही हैं

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