लटेरी में वन माफिया और अफसरों की मिलीभगत उजागर, लेनदेन के दो ऑडियो वायरल

लकड़ी माफिया से सांठगांठ में डिप्टी रेंजर सस्पेंड

विदिशा/लटेरी। लटेरी के जंगलों में सागौन की अवैध कटाई को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वन माफिया और वन अमले की सांठगांठ का खुलासा उस समय हुआ जब लटेरी उत्तर रेंज में पदस्थ डिप्टी रेंजर अर्जुन मीणा और कथित बिचौलिये पप्पू के बीच लेनदेन संबंधी दो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। मामले की जांच के बाद डीएफओ हेमंत यादव ने डिप्टी रेंजर अर्जुन मीणा को सस्पेंड कर दिया है।
जानकारी के अनुसार वायरल ऑडियो में पप्पू नामक व्यक्ति डिप्टी रेंजर से बातचीत करते हुए कह रहा है कि “10 हजार रुपए पहले दे चुका हूं, एक-दो दिन में बाकी 5 हजार भी दे दूंगा।” इस पर दूसरी ओर से कथित रूप से डिप्टी रेंजर अर्जुन मीणा की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वे फोन पर इस तरह की बातचीत करने पर नाराजगी जताते हुए कहते हैं कि “ऐसी बातें फोन पर क्यों करते हो।”
दूसरे ऑडियो में नाकेदार का भी जिक्र
वायरल दूसरे ऑडियो में बिचौलिया डिप्टी रेंजर से पूछता है कि “तुमने पूरे 8 हजार ही रख लिए क्या?” इस पर जवाब मिलता है कि “मैंने पूरे नहीं लिए, नाकेदार को दिलवा दिए थे।” बातचीत में नाकेदार को रकम देने की बात भी सामने आई है। इससे वन विभाग के निचले स्तर तक भ्रष्टाचार की आशंका गहरा गई है।

आवाज परीक्षण के बाद कार्रवाई

डीएफओ हेमंत यादव ने बताया कि वायरल ऑडियो की प्राथमिक जांच और वाइस परीक्षण में आवाज डिप्टी रेंजर अर्जुन मीणा की पाई गई। इसके बाद 7 मई को एसडीओ सिरोंज की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर गंजबासौदा अटैच किया गया है।
भूमाफिया से मिलकर होती थीं पार्टियां

डीएफओ ने बताया कि लटेरी क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण और लकड़ी चोरी के मामलों में भूमाफिया की सक्रिय भूमिका सामने आई है। उन्होंने बताया कि फकीर मोहम्मद नामक व्यक्ति ने वर्षों पहले वन भूमि पर कब्जा कर लिया था और कई अधिकारी-कर्मचारी उसके संपर्क में रहते थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारी भूमाफिया के साथ मिलकर पार्टियां तक करते थे।

पहले भी हो चुकी कार्रवाई

गौरतलब है कि इससे पहले मुरवास बीट के नाकेदार वीर नारायण जोशी और देव ठाकरे के बीच कथित भ्रष्टाचार संबंधी ऑडियो वायरल होने पर 25 फरवरी को दोनों को सस्पेंड किया गया था।

जिले में 17 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा
विदिशा जिले में करीब 1 लाख हेक्टेयर वन भूमि है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले डेढ़ वर्ष में लगभग 3 हजार हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, जबकि अब भी करीब 17 हजार हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा बना हुआ है। कई स्थानों पर जंगल काटकर खेती किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

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